Movie prime
PMC_Hospital

वाराणसी न्यूज़: नियमित मानदेय न मिलने पर पैरावेट और मैत्री कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार, 5 अगस्त से विधानसभा घेराव की चेतावनी!

वाराणसी: मानदेय की मांग को लेकर पैरावेट और मैत्री कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल, FMD टीकाकरण का बहिष्कार

Ad

 
ds
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के पैरावेट, पशुमित्र, एलएएमएवी (LMAV) इंसीमिनेटर और 'मैत्री' कार्यकर्ता अपने नियमित मानदेय की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर एक बार फिर आर-पार के मूड में आ गए हैं। इस संबंध में जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों (मदन पाल, जिला उपाध्यक्ष) के नेतृत्व में जिलाधिकारी (DM) वाराणसी के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा गया है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगें पूरी न होने पर उन्होंने एफ.एम.डी. (FMD) टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के कार्यों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है।

Ad
Ad

1. 13 जनवरी 2026 से शासन में अटका है प्रस्ताव

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे बीते कई वर्षों से नियमित मानदेय के लिए संघर्षरत हैं:

  • आश्वासन और निर्देश: 14 जुलाई 2025 को माननीय मंत्री जी द्वारा मानदेय का आश्वासन दिया गया था और कार्यवृत्ति जारी कर प्रमुख सचिव को निर्देशित किया गया था।

  • निदेशालय द्वारा प्रस्ताव प्रेषित: इसके बाद पशुपालन निदेशक (प्रशासन एवं विकास) द्वारा 13 जनवरी 2026 को प्रदेश में कार्यरत समस्त पैरावेट, पशुमित्र व मैत्री कार्यकर्ताओं के नियमित मानदेय का प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया था।

  • कार्रवाई में देरी से आक्रोश: प्रस्ताव भेजे जाने के महीनों बाद और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी रोष है।

2. 4 अगस्त तक अल्टीमेटम: 5 अगस्त से विधानसभा घेराव और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और शासन को अंतिम चेतावनी देते हुए अपने आगामी आंदोलन की रूपरेखा घोषित की है:

  • कार्य बहिष्कार: वर्तमान में सभी कार्यकर्ताओं ने एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान का काम पूरी तरह बंद कर दिया है।

  • पदयात्रा व घेराव: यदि 4 अगस्त 2026 तक शासन द्वारा मानदेय को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 5 अगस्त 2026 को प्रदेशभर के समस्त पैरावेट, पशुमित्र और मैत्री कार्यकर्ता पशुपालन निदेशालय (लखनऊ) से विधानसभा तक विशाल पदयात्रा निकालेंगे।

  • जी.पी.ओ. पार्क में भूख हड़ताल: इसके बाद सभी कार्यकर्ता जी.पी.ओ. पार्क (लखनऊ) में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।

3. 'अप्रिय घटना हुई तो शासन-प्रशासन होगा जिम्मेदार'

ज्ञापन के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि आंदोलन या भूख हड़ताल के दौरान यदि किसी भी कार्यकर्ता/सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Ad

उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर वार्ता कराकर जल्द से जल्द उचित निर्णय दिलवाया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों पशुपालकों और कार्यकर्ताओं के साथ न्याय हो सके।