Varanasi News: विश्व पर्यावरण दिवस पर एपेक्स का बड़ा अभियान, करसड़ा में नगर निगम के साथ मिलकर किया वृहद वृक्षारोपण
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील, पौधों की देखरेख का लिया संकल्प
भदैनी मिरर, वाराणसी: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एपेक्स हॉस्पिटल, वाराणसी द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के कुशल नेतृत्व में एपेक्स की नर्सिंग एवं एलाइड हेल्थ चिकित्सीय शिक्षण संस्थानों तथा नगर निगम वाराणसी की आईईसी (IEC) टीम के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम करसड़ा में एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस अभियान के तहत कॉलेज प्रशासक प्रो. गौरव सिंह की देखरेख में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों ने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।
नीम, जामुन और अमरूद समेत रोपे गए दर्जनों पौधे
करसड़ा में आयोजित इस खास अभियान में नगर निगम वाराणसी के आईईसी जोनल इंचार्ज (ऋषिमांडवी जोन) अमन कुमार मौर्य की विशेष मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान एपेक्स संस्थान के विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्य प्रो. राकेश वर्मा, दुर्गेश कुमार व मिथलेश ने मिलकर नीम, अमरूद, जामुन सहित विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। इस दौरान सिर्फ पौधे लगाए ही नहीं गए, बल्कि सभी ने मिलकर इन पौधों के बड़े होने तक उनके संरक्षण और संवर्धन की भी शपथ ली।


"वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ी के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी"
पर्यावरण दिवस के संदेश पर जोर देते हुए एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने कहा:
"आज के समय में लगातार बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए एक गंभीर और डरावनी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में वृक्षारोपण करना केवल एक दिन का कार्यक्रम या औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।"
उन्होंने काशी के आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनकी संतान की तरह देखभाल करें और पर्यावरण संरक्षण व जैव विविधता संवर्धन के इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें।

'एक पेड़ – एक जिम्मेदारी' का दिया संदेश
एपेक्स संस्थानों द्वारा ग्रामीण इलाके में चलाया गया यह वृक्षारोपण अभियान "एक पेड़ – एक जिम्मेदारी" के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। इस अभियान के जरिए न सिर्फ करसड़ा गांव के लोगों को हरियाली के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि युवाओं को भी प्रकृति से जुड़ने की एक बेहतरीन सीख दी गई।


