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वाराणसी न्यूज़: नदेसर में नगर निगम ने हटाईं डोम समाज की झोपड़ियां, बारिश में बेघर हुए दर्जनों परिवार; सरकारी आवास की मांग

वाराणसी: नदेसर में नगर निगम की कार्रवाई से बेघर हुआ डोम समाज, मूसलाधार बारिश के बीच सरकारी आवास दिलाने की मांग

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वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी के नदेसर स्थित खरबूजा शहीद (दैनिक जागरण कार्यालय के सामने) क्षेत्र में वर्षों से झोपड़पट्टी बनाकर रह रहे डोम समाज के परिवारों पर अचानक संकट आ पड़ा है। नगर निगम प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना और बिना रहने की समुचित वैकल्पिक व्यवस्था किए इनकी झोपड़ियों को हटा दिया गया है। इसके विरोध में और स्थायी पुनर्वास (सरकारी आवास) की मांग को लेकर डोम समाज फाउंडेशन के अध्यक्ष व समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

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1. बिना पूर्व सूचना और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हुई कार्रवाई

डोम समाज फाउंडेशन के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने अपने आवेदन में नगर निगम की इस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया है:

  • एकमात्र ठिकाना हुआ खत्म: पीड़ितों का कहना है कि नदेसर स्थित यह झोपड़पट्टी ही उनके रहने का एकमात्र ठिकाना थी, जिसे नगर निगम ने अचानक हटा दिया।

  • कोई अग्रिम सूचना नहीं: कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों को न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही उनके रहने के लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम किया गया।

2. बारिश के मौसम में खुले आसमान नीचे रहने को मजबूर परिवार

मानसून और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच इस कार्रवाई से दर्जनों परिवारों के सामने सिर छिपाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है:

  • बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित: बारिश के मौसम में अचानक बेघर हो जाने से छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

  • नगर निगम से नाराजगी: प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना किसी मानवीय व्यवस्था के उन्हें इस तरह से हटाना सरासर अन्याय है।

3. सरकारी आवास उपलब्ध कराने की उठाई मांग

डोम समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

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  • डोम समाज के बेघर हुए परिवारों को तत्काल प्रभाव से रहने के लिए सरकारी आवास (जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य आश्रय स्थल) उपलब्ध कराए जाएं।

  • जब तक स्थायी आवास की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और भोजन-पानी के लिए आपातकालीन व्यवस्था की जाए।