Varanasi News: बीएड प्रवेश परीक्षा में बड़ी लापरवाही, वाराणसी के दो सहायक अभियंताओं पर गिरेगी गाज
सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी से नदारद रहे इंजीनियर्स: कोषागार से गोपनीय सामग्री लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, एडीएम सिटी ने जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट
भदैनी मिरर, वाराणसी:
वाराणसी जनपद में परीक्षा जैसे अति संवेदनशील सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बीते 31 मई 2026 को आयोजित हुई बी० एड० संयुक्त प्रवेश परीक्षा (2026-28) को शुचितापूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए लगाए गए दो सेक्टर मजिस्ट्रेटों पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में नलकूप निर्माण खण्ड के दो सहायक अभियंताओं (Assistant Engineers) के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।


जिन दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटकी है, उनमें नलकूप निर्माण खण्ड के सहायक अभियंता श्री बालकृष्ण साहू और श्री सुधीर कुमार शामिल हैं।
गोपनीय सामग्री लेने नहीं पहुंचे अधिकारी, ठप रही ड्यूटी
जानकारी के अनुसार, बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इन दोनों अभियंताओं की ड्यूटी बतौर सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाई गई थी। नियम और प्रोटोकॉल के मुताबिक, इन्हें तय समय पर कोषागार (ट्रेजरी) पहुंचकर परीक्षा से जुड़ी अत्यंत गोपनीय सामग्री प्राप्त करनी थी और उसे अपनी निगरानी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना था।

लेकिन, ये दोनों अधिकारी न तो कोषागार पहुंचे और न ही अपनी ड्यूटी पर उपस्थित हुए। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य में इन अधिकारियों द्वारा दिखाई गई इस उदासीनता को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
एडीएम सिटी ने जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी (नगर) यानी एडीएम सिटी वाराणसी द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। एडीएम सिटी ने दोनों सहायक अभियंताओं, श्री बालकृष्ण साहू एवं श्री सुधीर कुमार के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु अपनी विस्तृत जांच आख्या (रिपोर्ट) जिलाधिकारी (DM) वाराणसी को प्रेषित कर दी है।

प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिला मजिस्ट्रेट की मुहर लगते ही इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी तय है। इस कदम से जिले के अन्य लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है।
