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Varanasi News: वाराणसी कचहरी में हाईवोल्टेज ड्रामा, बैंक मैनेजर पर पत्नी और ससुराल वालों ने किया जानलेवा हमला; लहूलुहान हालत में BHU रेफर

कैंट के कचहरी गेट नंबर 3 पर ईंट-पत्थर और पेचकस से वारदात; जमानत कराकर लौट रहे जौनपुर के बैंक मैनेजर को वकीलों ने बचाया, हालत गंभीर।

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वाराणसी: जनपद के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर सोमवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक निजी बैंक के मैनेजर पर उनकी ही पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दिनदहाड़े जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस दुस्साहसिक वारदात से न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम जनता के बीच अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद वकीलों और स्थानीय लोगों की तत्परता से पीड़ित बैंक मैनेजर की जान बच सकी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

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जमानत कराकर बाहर निकलते ही घात लगाकर बैठे ससुरालियों ने घेरा

मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से हरिहरपुर (थाना चंदवक, जनपद जौनपुर) के निवासी अभिषेक दुबे पुत्र अजय कुमार दुबे एक निजी बैंक (HDFC) में मैनेजर पद पर कार्यरत हैं। उनका अपनी पत्नी प्रियंका के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है और दोनों के बीच तलाक का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।

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सोमवार को अभिषेक दुबे इसी कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में अपनी जमानत दाखिल करने के लिए वाराणसी कचहरी आए थे। अदालत से जमानत की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह जैसे ही अपने जमानतदार विवेक पांडेय के साथ कचहरी के गेट नंबर तीन के पास पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे ससुराल पक्ष के लोगों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया।

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ईंट-पत्थर और पेचकस से हमला, मौके पर ही हुए बेहोश

पीड़ित अभिषेक दुबे द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनकी पत्नी प्रियंका, साले आशुतोष शुक्ला, शशांक शुक्ला, शशि शुक्ला, सुरभि शुक्ला और कुछ अन्य अज्ञात लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने उन पर ईंट-पत्थरों से ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। आरोप है कि एक हमलावर के हाथ में पेचकस भी था, जिससे उनके शरीर पर गंभीर वार किए गए। हमला इतना उग्र था कि अभिषेक गंभीर रूप से लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गए।

कचहरी परिसर में शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद अधिवक्ताओं और भीड़ ने तुरंत बीच-बचाव किया। वकीलों ने किसी तरह अभिषेक को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कचहरी पुलिस चौकी को सूचना दी।

संपत्ति बेचने और पैसे देने का बनाया जा रहा था दबाव

पीड़ित बैंक मैनेजर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और ससुराल वाले उन पर लगातार आर्थिक दबाव बना रहे थे। उनसे अपनी संपत्ति बेचकर मोटी रकम देने की मांग की जा रही थी, और ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकियां मिल रही थीं। अभिषेक ने यह भी बताया कि घर में लगातार तनाव का माहौल था और जब उन्होंने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने की कोशिश की थी, तो उसका भी पुरजोर विरोध किया गया था। कचहरी में हुआ यह हमला इसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

हालत गंभीर, डीडीयू से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर

इस बर्बर हमले में अभिषेक दुबे के सिर, चेहरे, हाथ, पैर, कंधे और पीठ पर गहरे जख्म आए हैं। उनके साथ मौजूद जमानतदार विवेक पांडेय को भी चोटें आई हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची कैंट थाने की पुलिस ने घायल बैंक मैनेजर को तत्काल इलाज के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल भेजा। वहां प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज और अंदरूनी जांचों के लिए उन्हें बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

कचहरी जैसे अत्यधिक संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। कैंट थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कानून हाथ में लेने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।