Varanasi News: कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव का जलभराव पर कड़ा विरोध
खोजवा से गुरुधाम तक सीवर चोक होने पर फूटा जनता का गुस्सा; दाहचौक पर सड़क जाम, विधायक के खिलाफ लगे नारे
भदैनी मिरर (सिटी डेस्क): वाराणसी के कैंट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खोजवा पुस्तकालय गली से गुरुधाम राम मंदिर तक लंबे समय से बनी सीवर चोक और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा शनिवार सुबह एक बार फिर भड़क उठा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उग्र हुए लोगों ने दाहचौक तिराहे से गुरुधाम और कश्मीरीगंज-गुरुधाम मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।


प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय लोगों ने मौके पर पहुंचे जलकल विभाग के महाप्रबंधक (GM) को भी दाहचौक पर बैठा लिया और सीवर ओवरफ्लो के चलते हो रही नारकीय स्थिति से अवगत कराया।
मौके पर पहुंचे विधायक, लगे 'मुर्दाबाद' के नारे
सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। हालांकि, आक्रोशित निवासियों ने विधायक के पहुंचते ही उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और मुर्दाबाद के नारे लगाए।

जनाक्रोश के बावजूद विधायक सौरभ श्रीवास्तव प्रदर्शनकारियों के बीच ही सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मौके से ही फोन कर नगर निगम और जलकल विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता की और जल्द से जल्द समस्या का निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को आश्वस्त किया कि सीवर चोक और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।


PMO की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
धरना-प्रदर्शन के दौरान उग्र हुए कुछ स्थानीय नागरिक अपनी शिकायत लेकर गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। स्थिति को भांपते हुए मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
वर्षों पुरानी समस्या, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से खोजवा और गुरुधाम क्षेत्र सीवर चोक की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हर बार बारिश के दिनों में पूरी सड़क और गलियां गंदे पानी में डूब जाती हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस बार विभाग द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे जनप्रतिनिधियों और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ इससे भी बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
