Varanasi News: वाराणसी में भूटान बनाएगा भव्य बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस, जानें किस जगह मात्र ₹1 सालाना लीज पर मिली जमीन
भारत-भूटान के रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती; पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच हुआ MoU, बौद्ध पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
वाराणसी (भदैनी मिरर)। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए वाराणसी में एक भव्य बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस का निर्माण होने जा रहा है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


इस परियोजना के तहत भूटान सरकार को वाराणसी के पिंडरा (कोलअसला) स्थित अजईपुर में बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए 2 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस समझौते पर खुशी जताते हुए कहा कि इस पहल से न सिर्फ बौद्ध पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि भूटान से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

मात्र 1 रुपये के वार्षिक किराये पर मिली जमीन
इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भूटान सरकार को यह 2 एकड़ भूमि 30 साल की लीज पर दी जा रही है। इस पूरी अवधि के लिए भूमि का वार्षिक किराया मात्र 1 रुपये निर्धारित किया गया है। यह परियोजना आने वाले समय में बौद्ध श्रद्धालुओं, पर्यटकों और भिक्षुओं के लिए एक प्रमुख और महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगी।

शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में साइन हुई डीड
इस ऐतिहासिक समझौते को धरातल पर उतारने के लिए भूमि संबंधी डीड पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए:
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उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से: पर्यटन विभाग के विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए।
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भूटान सरकार की तरफ से: प्रतिनिधि और उप प्रमुख मिशन ताशी पेल्डेन ने डीड पर हस्ताक्षर किए।
इस खास मौके पर भूटान सरकार की मंत्री-परामर्शदाता (वित्त) चिमी वांगमो और सेंट्रल मोनास्टिक बॉडी ऑफ भूटान के भारत-भूटान मठवासी मामलों के संयुक्त सचिव उगेन नामग्याल भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
