Varanasi News: छात्र आंदोलन पर आजाद समाज पार्टी का राष्ट्रपति को ज्ञापन, परीक्षा सुधार और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
धांधली और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
वाराणसी (भदैनी मिरर)। देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों के भविष्य एवं अधिकारों को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के वाराणसी जिलाध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन के माध्यम से देश में लगातार बाधित हो रही शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और हालिया छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।
शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर मंडराया संकट
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रतिनिधियों ने कहा कि आज देश का युवा वर्ग अत्यधिक चिंता और असमंजस के माहौल में जी रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और लेट-लतीफी के कारण योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शिक्षा प्रणाली और भर्ती संस्थाओं पर से युवाओं का भरोसा उठता जा रहा है, जिससे युवाओं में भारी असंतोष व्याप्त है।

छात्र आंदोलन पर पुलिसिया कार्रवाई की जांच की मांग
ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि हालिया छात्र आंदोलन के दौरान शासन और पुलिस द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्रों पर जिस प्रकार की कार्रवाई की गई है, वह अत्यंत चिंताजनक है। एएसपी के पदाधिकारियों ने मांग की कि आंदोलन के दौरान हुई संपूर्ण घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिया जाए।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
आजाद समाज पार्टी ने राष्ट्रपति महोदया से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में युवाओं की न्यायोचित मांगों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना बेहद जरूरी है। पार्टी ने मांग की है कि:
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प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े और पारदर्शी नियम बनाए जाएं।
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समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की जाए।
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छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि युवाओं और छात्रों के हितों की तुरंत अनदेखी बंद नहीं की गई, तो आजाद समाज पार्टी युवाओं के हक की लड़ाई को और मजबूती से सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी।



