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Varanasi News: यूपी में बिजली संकट पर आम आदमी पार्टी का हल्लाबोल, राज्यपाल के नाम डीएम को सौंपा 8 सूत्रीय ज्ञापन

'जनता बिजली मांगेगी तो मंत्री बोलेंगे जय श्री राम': 'आप' नेताओं ने यूपी सरकार की विद्युत नीतियों और स्मार्ट मीटर पर उठाए गंभीर सवाल

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भदैनी मिरर, वाराणसी:

उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। सूबे में जारी अघोषित बिजली कटौती, बेतहाशा महंगी दरों और स्मार्ट मीटरों की कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोर्चा खोल दिया है। वाराणसी में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश और प्रदेश में व्याप्त इस गंभीर संकट को लेकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक 8 सूत्रीय मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।

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'आप' नेताओं का कहना है कि वर्तमान में पूरा उत्तर प्रदेश भयंकर तपिश झेल रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में 22 से लेकर 48 घंटे तक बिजली गुल रहने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे आम जनता, किसान, व्यापारी और छात्र वर्ग पूरी तरह बेहाल है।

"जनता बिजली मांगेगी तो मंत्री बोलेंगे जय श्री राम" – AAP का तंज

राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने सरकार के मंत्रियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि एक तरफ तो उत्तर प्रदेश की जनता पूरे देश में सबसे महंगी बिजली दरों का आर्थिक बोझ उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें पर्याप्त बिजली भी नसीब नहीं हो रही है। सरकार के दावों की पोल रोजाना खुल रही है।

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'आप' नेताओं ने तीखा तंज कसते हुए कहा:

"बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि जब जनता बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली और पानी की मांग कर रही है, तब सरकार के जिम्मेदार मंत्री समाधान खोजने के बजाय गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि जैसे 'जनता बिजली मांगेगी तो मंत्री बोलेंगे जय श्री राम'। यह जनता की मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने का लोकतांत्रिक विरोधी प्रयास है।"

स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों और बाराबंकी हादसे पर घेरा

ज्ञापन में बाराबंकी में हुई एक दर्दनाक घटना का हवाला देते हुए कहा गया कि वहां बिजली न होने के कारण सड़क किनारे सो रहे एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई। यह महज एक हादसा नहीं बल्कि सूबे की विफल विद्युत व्यवस्था का दुखद नतीजा है। इसके साथ ही 'आप' ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को भ्रष्टाचार का जरिया बताते हुए कहा कि प्रदेशभर से फर्जी बिलिंग और गलत रीडिंग के कारण बिजली बिल कई गुना बढ़कर आने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है।

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आम आदमी पार्टी की 8 प्रमुख मांगें (8 Major Demands):

  1. कटौती पर रोक: पूरे उत्तर प्रदेश में की जा रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगे।

  2. निर्बाध आपूर्ति: इस भीषण गर्मी के मौसम में सभी जनपदों में पर्याप्त और निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए।

  3. क्षमता विस्तार: प्रदेश की बढ़ती आबादी और मांग के अनुरूप बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना लागू हो।

  4. स्मार्ट मीटर की जांच: स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ी और फर्जी बिलिंग की शिकायतों की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  5. टैरिफ पर रोक: बिजली की दरों में होने वाली किसी भी प्रकार की नई बढ़ोतरी पर तुरंत रोक लगाई जाए।

  6. शिकायत निवारण: उपभोक्ताओं की समस्याओं के तुरंत निस्तारण के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित हो।

  7. मुआवजे की मांग: बाराबंकी की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए।

  8. निजीकरण का विरोध: निजी बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों को बंद कर जनता को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण बिजली दी जाए।