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वाराणसी: 'घाटो पर मुस्लिम समुदाय को कहा जाता है जेहादी', किन्नर सलमा ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत

बड़ी बाजार की रहने वाली सलमान उर्फ सलमा (किन्नर) का आरोप- 'कुछ अराजक तत्व सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर भंग कर रहे शांति व्यवस्था'

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भदैनी मिरर, वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी में गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ अब किन्नर समाज ने मोर्चा खोल दिया है। वाराणसी के जैतपुर (मेलपुर) थाना क्षेत्र के बड़ी बाजार (बड़ी तालाब) की रहने वाली सलमान उर्फ सलमा (किन्नर) ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) को एक शिकायती पत्र सौंपकर समाज में नफरत का जहर घोलने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों से शांति भंग करने का प्रयास

पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए पत्र में प्रार्थिनी सलमान उर्फ सलमा (पुत्री अकला चौधरी) ने कहा है कि वर्तमान समय में कुछ क्षेत्रों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाएं और भड़काऊ गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग काफी समय से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जाकर आपत्तिजनक नारेबाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार भड़काऊ पोस्ट और अफवाहें फैलाकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच की शांति व्यवस्था को पूरी तरह भंग करने की साजिश रची जा रही है।

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'वाराणसी के घाटों पर मुस्लिम समुदाय को कहा जा रहा जेहादी'

शिकायती पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कुछ अज्ञात और अराजक तत्व वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को देखकर उन्हें 'जेहादी' व अन्य आपत्तिजनक नामों से संबोधित करते हैं। इतना ही नहीं, ये असामाजिक तत्व उनका वहां वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और फिर समाज में नफरत फैलाने के उद्देश्य से उसे सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ अपलोड कर देते हैं।

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अराजक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग

किन्नर सलमा ने पुलिस कमिश्नर से सविनय निवेदन करते हुए कहा है कि वाराणसी हमेशा से आपसी भाईचारे और शांति का प्रतीक रही है, लेकिन कुछ लोग इस माहौल को खराब करना चाहते हैं। उन्होंने मांग की है कि:

  1. सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक और भड़काऊ पोस्ट डालने वाले एकाउंट्स की जांच की जाए।

  2. हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले अराजक तत्वों और व्यक्तियों को चिन्हित (Identify) किया जाए।

  3. शांति व्यवस्था को खतरे में डालने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।