Varanasi Murder: खुद को ‘माफिया’ बताने वाला मंजीत पिस्टल लेकर पहुंचा था, सुबह की पिटाई के बाद रचा कातिलाना प्लान
इंस्टाग्राम पर दबंगई दिखाने वाला आरोपी जानबूझकर हथियार लेकर कैंपस पहुंचा, अक्सर होती थी दोनों गुटों में झड़प
Mar 21, 2026, 12:50 IST
WhatsApp
Group
Join Now
वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या मामले में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई। गिरफ्तार आरोपी मंजीत सिंह चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह पूरी तैयारी के साथ कॉलेज पहुंचा था और हत्या की नीयत से ही पिस्टल लेकर आया था। हालिया विवाद और सुबह हुई मारपीट की घटना ने उसके अंदर गुस्सा भर दिया था, जिसके बाद उसने यह वारदात अंजाम दी।
इंस्टाग्राम पर खुद को ‘मंजीत माफिया’ बताता था आरोपी
मंजीत सिंह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खुद को दबंग के रूप में प्रस्तुत करता था। हत्या के एक दिन पहले ही उसने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी तस्वीर के साथ ‘मंजीत माफिया’ लिखा था और उसके सामने पिस्टल वाली इमोजी लगाई थी।


उसकी प्रोफाइल पर अपलोड फोटो, कैप्शन और टैगलाइन में अक्सर मनबढ़ई झलकती थी। उसके खिलाफ शिवपुर थाने में मारपीट का एक मुकदमा भी दर्ज है।
हत्या की ठोस साजिश- सीने और सिर में कुल चार गोलियां
पुलिस के अनुसार, मंजीत हत्या की नीयत से ही घर से हथियार लेकर निकला था। पुरानी रंजिश और सुबह के विवाद ने आग में घी का काम किया।

जांच में यह भी सामने आया कि उसने सूर्य प्रताप सिंह पर तब तक गोली चलाई, जब तक वह सुनिश्चित नहीं हो गया कि उसकी मौत हो चुकी है।
पहले उसने सीने में दो गोलियां दागीं, और गिरने के बाद सिर में दो और गोलियां मारीं।
घटनास्थल से देसी पिस्टल के सबूत मिले
वारदात स्थल पर खून के साथ .32 बोर के दो खोखे मिले। फर्श पर देसी पिस्टल से निकला स्प्रिंग भी पड़ा था।

पुलिस को आशंका है कि देसी तमंचे से फायरिंग के दौरान स्प्रिंग बाहर निकल गया।
सीढ़ी के पास एक कारतूस और भवन के पिछले हिस्से में कचरे में फेंकी गई पिस्टल बरामद हुई है।
सुबह हुई पिटाई ने बढ़ाया गुस्सा
एसओजी और शिवपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंजीत को सेंट्रल जेल रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की वजह बताते हुए कहा कि सुबह सूर्य प्रताप सिंह और उसके दोस्तों ने उसकी पिटाई की थी। हाथ में पहने कड़े से उसके सिर पर वार किया गया था। वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों में अक्सर टकराव होता था, मंजीत का लोकल लड़कों के साथ एक गुट था। वहीं सूर्य प्रताप का हॉस्टल के छात्रों के साथ समूह था।
पता चला कि, दोनों गुटों में अक्सर मारपीट होती रहती थी। घटना वाले दिन भी सुबह झड़प हुई थी।
शराब ठेके से सीधे हथियार लेकर कॉलेज लौटा
पूछताछ में मंजीत ने बताया कि सुबह हुई पिटाई के बाद वह गुस्से में घर से निकला।
* पहले उसने अपने साथियों को पास के शराब ठेके पर बुलाया
* साथी नहीं पहुंचे तो वह अकेले ही वहां गया
* शराब पीने के बाद घर लौटा और पिस्टल उठाई
* फिर अकेले ही कॉलेज पहुंच गया
कमरा नंबर 8 के पास मौजूद छात्रों ने जब उसकी ओर देखकर शर्ट की बांह मोड़ने पर ताना मारा, वहीं से विवाद बढ़ा और वह असलहा निकालकर पीछे दौड़ गया। मुख्य गेट तक पहुंचते-पहुंचते उसने सूर्य प्रताप पर गोलियां दाग दीं।
