वाराणसी: सावन में मीट-मछली बेचने वालों पर नगर निगम का सख्त एक्शन
नगर आयुक्त के निर्देश पर रेवड़ी तालाब, शिवाला, चौकाघाट समेत कई इलाकों में प्रवर्तन टीम की छापेमारी; दोबारा बिक्री करने पर दुकान सील करने की चेतावनी।
भदैनी मिरर विशेष रिपोर्ट वाराणसी। पवित्र सावन माह में धार्मिक आस्था, पवित्रता और जनभावनाओं के सम्मान को बनाए रखने के लिए वाराणसी नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सख्त और मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रतिबंध के बावजूद मांस-मछली बेचने वालों पर नगर निगम ने शिकंजा कसते हुए औचक चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों से ₹5,000 का जुर्माना वसूला गया।


प्रतिबंध के बावजूद मिल रही थीं शिकायतें
सावन के दौरान नगर निगम सीमा क्षेत्र में मांस, मछली और मुर्गों की दुकानों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके बावजूद कुछ इलाकों में छिपकर अवैध बिक्री किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पशु विभाग और प्रवर्तन दल को त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

शहर के इन प्रमुख इलाकों में हुई छापेमारी
बुधवार को नगर निगम की संयुक्त टीम ने शहर के कई संवेदनशील व प्रमुख व्यापारिक स्थलों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने:
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रेवड़ी तालाब
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शिवाला स्थित मछली मंडी
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चौकाघाट
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नदेसर
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अंधरापुल
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पितरकुंडा
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लल्लापुरा
जैसे क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर मीट-मछली बेच रहे विक्रेताओं से ₹5,000 का आर्थिक दंड वसूलने के साथ ही मौके से 2 किलो 450 ग्राम मांस जब्त किया गया।

दोबारा बिक्री करने पर दुकान होगी सील
कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम ने सभी मांस-मछली विक्रेताओं को अंतिम चेतावनी दी कि यदि सावन माह के दौरान दोबारा बिक्री करते पाए गए, तो संबंधित दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि धार्मिक अवसरों पर आस्था से खिलवाड़ और नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न वार्डों और मुख्य बाजारों में यह औचक निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा।
