Varanasi: मॉनसून से पहले नगर निगम का बड़ा दावा, 386 में से 364 नालों की सफाई पूरी; नगर आयुक्त ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम
काशी को जलभराव से मिलेगी मुक्ति! स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विंग ने झोंकी पूरी ताकत
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): आगामी वर्षा ऋतु के दौरान वाराणसी शहर को जलभराव (Waterlogging) की भीषण समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति न बने, इसके लिए नाला सफाई अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा दिया गया है। नगर निगम प्रशासन के दावों के मुताबिक, शहर के कुल 386 छोटे-बड़े नालों में से 364 नालों की सिल्ट सफाई (गाद निस्तारण) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। वहीं, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए अवशेष बचे नालों की सफाई के लिए ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को महज तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया है।


दो विभागों के जिम्मे थी सफाई, 97% काम पूरा
वाराणसी नगर निगम के अंतर्गत नालों की सफाई व्यवस्था को मुख्य रूप से दो विभागों— स्वास्थ्य विभाग और सामान्य अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) विभाग में बांटा गया है:
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स्वास्थ्य विभाग (छोटे व मझले नाले): इसके अधीन आने वाले 15 मीटर से लेकर 7 किलोमीटर तक की लंबाई वाले कुल 258 नालों में से करीब 250 नालों की 'तली झाड़' सफाई (97 प्रतिशत) पूरी हो चुकी है। इसमें शिवपुर, पांडेयपुर, भेलूपुर, ककरमत्ता, आदमपुर, सिगरा, नारायणपुर, नेवादा, भगवानपुर, लेढ़पुर, अलईपुरा, लोहता, लहरतारा, सारनाथ, नदेसर, जेतपुरा, कंदवा, सुसवाही, हुकुलगंज, शिवपुरवा, दीनापुर, चौकाघाट, मंडुवाडीह, पुराना रामनगर और फुलवरिया सहित विभिन्न वार्डों के नाले शामिल हैं। शेष बचे 8 नालों पर काम तेजी से जारी है।
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इंजीनियरिंग विंग (बड़े नाले): सामान्य अभियंत्रण विभाग के अधीन आने वाले सभी 128 प्रमुख और बड़े नालों की सफाई का काम अब अपने अंतिम चरण में है। वरुणापार, सारनाथ, भेलूपुर, दशाश्वमेध, आदमपुर, रामनगर और ऋषि माण्डवी जोन के सभी चिह्नित नालों से गाद निकालकर आवश्यक मरम्मत का कार्य भी लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, ऋषिमाण्डवी और सारनाथ जोन के कुल तीन कार्यों को लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा नव-निर्माण के तहत संभाला गया है।
लापरवाही रोकने के लिए 'डिजिटल' पहरा, GPS कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग
सफाई व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरतने, कागजी दावों को रोकने और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए नगर निगम इस बार विशेष हाइटेक तकनीक का सहारा ले रहा है। भेलूपुर (अस्सी घाट पुलिया मार्ग), दशाश्वमेध (जगतगंज मरीमाई मंदिर), ऋषिमाण्डवी (लोहता धमरिया पुल), और वरूणापार (लालपुर मीरापुर बसही) जैसे संवेदनशील और बड़े नालों में सफाई कार्य की लाइव तस्वीरें जीपीएस (GPS) कैमरों के माध्यम से सीधे उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही हैं।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया है कि मैपिंग और लाइव लोकेशन के जरिए ही कार्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि तय समय सीमा (तीन दिन) के भीतर बचे हुए नाले साफ नहीं हुए, तो संबंधित उत्तरदायित्व तय करते हुए कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की इस चाक-चौबंद तैयारी से उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार काशीवासियों को मॉनसून के दौरान जलजमाव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

