वाराणसी: नालों पर अवैध कब्जा करने वालों पर नगर निगम का हंटर, रथयात्रा मार्ग से हटा अतिक्रमण; लगा भारी जुर्माना
नगर आयुक्त के निर्देश पर जोनल टीम की बड़ी कार्रवाई; नालों को पाटकर दुकान बढ़ाने वालों से वसूला 10 हजार जुर्माना, दी गई सख्त चेतावनी।
वाराणसी। शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने और ड्रेनेज सिस्टम को सुचारू बनाने के लिए नगर निगम वाराणसी ने अब अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के सख्त निर्देश पर रथयात्रा-महमूरगंज मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर नालों पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले दुकानदारों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया।


नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद एक्शन
ज्ञात हो कि गत 12 मई 2026 को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद इस क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नालों पर पक्के निर्माण और अवैध कब्जे देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद बुधवार को यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
भारी फोर्स के साथ हटा अतिक्रमण
संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र और सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची प्रवर्तन दल की टीम ने नालों के ऊपर किए गए पक्के निर्माण और रैंप को हटवाया। अधिकारियों ने बताया कि नालों पर कब्जे के कारण सफाई कर्मियों को भीतर तक सफाई करने में दिक्कत आ रही थी, जिसके कारण बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।

दुकानदारों को अंतिम चेतावनी
अभियान के दौरान उन दुकानदारों को चिन्हित किया गया जिन्होंने नालों को पाटकर अपनी दुकानों का दायरा सड़क तक बढ़ा लिया था। नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर दी है जो निरंतर ऐसे क्षेत्रों की निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया या कब्जा नहीं हटाया गया, तो संबंधित के खिलाफ न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

सफाई कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नालों को कब्जा मुक्त करने का यह अभियान शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
