वाराणसी: मानसून को लेकर कमिश्नर एस. राजलिंगम सख्त, बोले- 'जून के अंत तक साफ हों सारे नाले, बिजली के तार हों प्लास्टिक मुक्त'
मंडलायुक्त ने ली मानसून एक्शन प्लान की बैठक; स्ट्रीट लाइटें 100% चालू रखने और घाटों पर सायरन-CCTV लगाने के दिए निर्देश
वाराणसी (भदैनी मिरर): आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की तैयारियों को लेकर वाराणसी के मंडलायुक्त (कमिश्नर) एस. राजलिंगम बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। रविवार को कमिश्नरी सभागार में आयोजित 'मानसून एक्शन प्लान' की हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में साफ कहा गया कि रूटीन के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बिजली विभाग को अल्टीमेटम: अभियान चलाकर तारों को करें 'प्लास्टिक मुक्त'
मंडलायुक्त ने बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर को निर्देशित किया कि पूरे बनारस में अंडरग्राउंड वायरिंग के डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स जो जमीन के लेवल पर हैं, उन्हें ऊंचा किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी दशा में बिजली के तारों को प्लास्टिक से न बांधा जाए। इसके लिए तत्काल अभियान चलाकर तारों को प्लास्टिक मुक्त किया जाए और उनकी अच्छे तरीके से फेंसिंग या कवरिंग सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि मानसून या बाढ़ के दौरान बिजली सप्लाई, कटौती या किसी भी तकनीकी समस्या की रियल-टाइम जानकारी जनप्रतिनिधियों के व्हाट्सएप ग्रुप में अनिवार्य रूप से शेयर की जाए।
इस महीने के अंत तक हर हाल में साफ हों नाले-नालियां
जलभराव की समस्या पर बात करते हुए कमिश्नर ने कहा कि पूरे शहर के छोटे-बड़े नालों और नालियों की सफाई हर हाल में इस महीने (जून) के अंत तक सुनिश्चित हो जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को टोकते हुए यह भी कहा कि सामान्य मानसून के हिसाब से नालों की सफाई की कार्ययोजना मई के अंत तक ही पूरी हो जानी चाहिए थी, जून के अंत तक नहीं; भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।

सड़क के गड्ढे और खुले सीवर पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि जहां भी सीवर और बिजली के लिए गड्ढे खोदे गए हैं, वहां मजबूत बैरिकेडिंग या कवरिंग की जाए। छोटी से छोटी गलियों के गड्ढों को भी तुरंत ठीक किया जाए। जहां सीवर के ढक्कन गायब हैं या टूटे हैं, उन्हें तत्काल रिपेयर कराया जाए। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी (PWD) को निर्देश दिया गया कि सड़क चौड़ीकरण के मलबे को सड़कों से तत्काल हटवाया जाए ताकि जलजमाव न हो।
घाटों पर लगेगा इंटीग्रेटेड पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सायरन
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मंडलायुक्त ने सभी गंगा घाटों के लिए एक 'एकीकृत पब्लिक एड्रेस सिस्टम' (Integrated Public Address System) विकसित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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सभी घाटों पर अनिवार्य रूप से CCTV कैमरे लगाए जाएं।
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आपातकालीन स्थिति के लिए सायरन की व्यवस्था हो और एक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया जाए।
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बाढ़ या भारी बारिश के दौरान नदी में सायरन का टेस्ट किया जाए और हर नाव (बोट) में लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
बाढ़ प्रभावितों के लिए तैयार रहे 'रैन बसेरा और फूड पैकेट' प्लान
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मंडलायुक्त ने जिला प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा है। उन्होंने पर्याप्त संख्या में रैन बसेरों की स्थापना और प्रभावितों के लिए फूड पैकेट के वितरण की एडवांस कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा, नगर निगम को शहर की शत-प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें चालू हालत में रखने को कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सदानंद गुप्ता सहित बिजली, पीडब्ल्यूडी, जलकल और अन्य संबंधित विभागों के आला अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
