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Varanasi MLC Election Result: वाराणसी खंड शिक्षक चुनाव में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की बड़ी जीत

वाराणसी खंड शिक्षक चुनाव में सपा ने मारी बाजी; निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव का 5 हजार वोटों से जीत का दावा, गूंजे 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' के नारे

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भदैनी मिरर राजनीतिक डेस्क, वाराणसी: वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव की जारी मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के खेमे से बड़ी खबर आ रही है। वाराणसी खंड शिक्षक सीट से निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने इस चुनाव में एक बार फिर से परचम लहराने का दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि वे 5 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से यह चुनाव जीत चुके हैं। लाल बिहारी यादव के इस दावे के बाद मतगणना स्थल (पहड़िया मंडी) के बाहर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला, जहां समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया और समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।

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"पुरानी पेंशन करेंगे बहाल, मदरसों व सरकारी शिक्षकों का बकाया दिलाएंगे"

जीत के बड़े दावे के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लाल बिहारी यादव ने इस विजय का श्रेय प्रदेश के शिक्षक समाज को दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति बेहद दयनीय थी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताकर यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

लाल बिहारी यादव ने अपने प्राथमिकता वाले कार्यों को दोहराते हुए कहा:

  • पुरानी पेंशन योजना (OPS): चुनाव जीतने के बाद वह पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल कराने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।

  • मानदेय व बकाया वेतन: वित्तविहीन और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को उचित मानदेय दिलाने के साथ-साथ मदरसों में तैनात शिक्षकों का काफी समय से रुका हुआ बकाया वेतन भुगतान कराएंगे।

  • मुलायम सिंह यादव की विरासत: उन्होंने कहा कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव को शिक्षक समाज हमेशा अपना सच्चा हितैषी मानता आया है और सपा उसी नीति पर काम करते हुए शिक्षकों का भरोसा कायम रखेगी।

भाजपा पर तीखा हमला: "सीएम के प्रचार के बावजूद शिक्षकों ने सपा पर जताया भरोसा"

लाल बिहारी यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा शासनकाल में शिक्षक समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा था और उनके बीच भारी रोष व्याप्त था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए सत्ता पक्ष ने हर संभव हथकंडे अपनाए। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतरे थे और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों (DIOS) तक को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन शिक्षकों ने सरकार की नीतियों को नकारते हुए समाजवादी पार्टी पर अपना अटूट विश्वास प्रकट किया है।

"2027 में बनेगी सपा सरकार, अखिलेश यादव बनेंगे मुख्यमंत्री"

एमएलसी चुनाव के इस परिणाम को 2027 के विधानसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास बताते हुए लाल बिहारी यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का जनमानस अब बदलाव के मूड में है। शिक्षक चुनाव की यह जीत 2027 के महासमर की नींव रखेगी, जहां भारी बहुमत से समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनकर विकास की नई गाथा लिखेंगे।