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वाराणसी: बीएचयू में महापौर ने रोपा पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत नगर निगम लगाएगा 25 हजार पौधे

मालवीय भवन के पास वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ; पौधों की सुरक्षा के लिए 'पालक' बनाएगा नगर निगम

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वाराणसी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वाराणसी नगर निगम ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का भव्य आगाज किया है। गुरुवार को बीएचयू स्थित मालवीय भवन के पास महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पौधारोपण कर इस 'वृहद वृक्षारोपण अभियान' का औपचारिक शुभारंभ किया।

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अभियान के पहले ही दिन महापौर और बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से सफेद चंदन, मौलश्री, अमलतास, अशोक और रुद्राक्ष जैसी पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के 101 पौधे रोपे। बीएचयू परिसर में अगले दस दिनों के भीतर कुल 6,500 पौधे लगाए जाएंगे।

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पूरे शहर में 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

इस महा-अभियान के तहत नगर निगम ने पूरे वाराणसी शहर में कुल 25,000 पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के सुरक्षित विकास के लिए नगर निगम विशेष व्यवस्था कर रहा है। निगम द्वारा ट्री-गार्ड के साथ पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं और खुद गड्ढे भी खुदवाए जा रहे हैं।

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पौधों को समय पर पानी और देखभाल मिल सके, इसके लिए स्थानीय स्तर पर नागरिकों व संस्थाओं को 'पालक' बनाकर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान उत्तरी/दक्षिणी क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, बीएचयू के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, संयुक्त नगर आयुक्त व उद्यान प्रभारी कृष्ण चंद्र के साथ-साथ स्थानीय पार्षदगण और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पौधों के संरक्षण पर नगर निगम का विशेष जोर

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 8,000 और वर्ष 2025 में 20,000 पौधे लगाए गए थे। पूर्व में रोपे गए कुल 28,000 पौधों में से वर्तमान में 25,000 पौधे पूरी तरह सुरक्षित और लहलहाती स्थिति में हैं।

निगम प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पौधों की इस बेहतर जीवितता दर (Survival Rate) को आगे भी बनाए रखना है। इसी वजह से इस बार वृक्षारोपण के साथ-साथ 'पालक' व्यवस्था के जरिए पौधों की निरंतर मॉनिटरिंग और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।