वाराणसी: पैदल दफ्तर पहुंचे महापौर अशोक तिवारी, पीएम मोदी के 'ईंधन बचत' आह्वान को जमीन पर उतारा
नगर निगम ने शनिवार को घोसित किया है नो फ्यूल डे
वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी से एक बार फिर पूरे देश के लिए सादगी और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश निकला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के आह्वान को आत्मसात करते हुए वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी गुरुवार को अपने आवास से पैदल ही नगर निगम कार्यालय पहुंचे।


'नो फ्यूल डे' के संकल्प की शुरुआत
नगर निगम वाराणसी में बीते बुधवार को एक सामूहिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हर शनिवार को 'नो फ्यूल डे' मनाया जाएगा। हालांकि, महापौर अशोक कुमार तिवारी ने इस मुहिम में नेतृत्व दिखाते हुए एक कदम आगे कदम बढ़ाया है। उन्होंने प्रतिदिन पैदल दफ्तर आने का संकल्प लिया और गुरुवार से ही इसका अनुपालन शुरू कर दिया।

महापौर को सड़क पर पैदल चलते देख राहगीर और स्थानीय नागरिक उनकी सादगी और इस दृढ़ संकल्प की सराहना करते नजर आए। इस दौरान उनके साथ कुछ पार्षद और समर्थक भी पैदल चलते दिखे।
पार्षदों और अधिकारियों में दिखा भारी उत्साह
महापौर की इस प्रेरणादायी पहल का असर अब नगर निगम के अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है:

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शनिवार की तैयारी: आगामी शनिवार को होने वाले 'नो फ्यूल डे' के लिए पार्षदों ने अभी से साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का इंतजाम कर लिया है।
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महापौर की अपील: अशोक कुमार तिवारी ने अपील की है कि नगर निगम के सभी कर्मचारी भी सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी पेट्रोल और डीजल वाहनों का त्याग करें।
क्या बोले महापौर?
"प्रधानमंत्री जी ने देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के हित में ईंधन बचाने का आह्वान किया है। काशी का प्रथम नागरिक होने के नाते मेरा यह कर्तव्य है कि मैं स्वयं इसकी शुरुआत करूँ। जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, मैं पैदल चलकर ही जनता की सेवा करूँगा और दफ्तर के कार्य निपटाऊंगा।" - अशोक कुमार तिवारी, महापौर
