वाराणसी: मनीष सिंह हत्याकांड में 4 आरोपी जेल भेजे गए, 5 फरार बदमाशों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित; सिसकते परिवार ने पूछा- "पापा कहां हैं?"
शादी की 10वीं सालगिरह के दिन उजड़ गया सुहाग, अनाथ हुईं दो मासूम बेटियां
आशीष, मनीष, नागेंद्र और दीपक राजभर पर 25-25 हजार रुपये का इनाम, तलाश में जुटी 4 टीमें
परिजनों का दावा—हादसे के वक्त SHO ने नहीं उठाया फोन
वाराणसी (भदैनी मिरर)। फूलपुर थाना क्षेत्र के धमहापुर में युवा उद्यमी मनीष कुमार सिंह की जघन्य हत्या ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार चार आरोपियों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। वहीं, फरार चल रहे मुख्य आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र और दीपक राजभर सहित पांच लोगों पर डीसीपी गोमती जोन ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।


शादी की सालगिरह के दिन घर में मातम
यह नियति का क्रूर प्रहार ही है कि जिस दिन (मंगलवार) मनीष और उनकी पत्नी अंकिता की 10वीं वैवाहिक वर्षगांठ थी, उसी दिन अंकिता का सुहाग उजड़ चुका था। मनीष की 8 साल की बेटी मैत्री और 4 साल की वैशु रह-रहकर बस एक ही सवाल पूछ रही हैं-"पापा कहां हैं?" परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

संघर्ष से खड़ा किया था साम्राज्य
परिजनों ने बताया कि 12 साल पहले पिता के निधन के बाद मनीष ने ही पूरे परिवार को संभाला था। उन्होंने अपनी बहनों की पढ़ाई कराई और उनकी शादी भी की। गुजरात के वापी में सफल ट्रांसपोर्ट व्यवसाय होने के बावजूद, अपनी मिट्टी से जुड़ाव के कारण मनीष ने गांव में पत्तल-दोना की फैक्ट्री लगाई थी, जिससे करीब 50 परिवारों की जीविका चल रही थी।

पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
मृतक के रिश्तेदार विक्रांत सिंह ने आरोप लगाया कि घटना की रात जब उन्होंने फूलपुर एसएचओ को फोन किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब एसीपी पिंडरा को फोन किया गया, तब कहीं जाकर एसएचओ मौके पर पहुंचे। परिजनों का यह भी गंभीर आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उन पर आरोपियों से सुलह करने का दबाव बनाया।
सोशल मीडिया पर संगठनों का आक्रोश
मनीष सिंह की हत्या के बाद करणी सेना सहित विभिन्न क्षत्रिय संगठनों ने सोशल मीडिया पर तीव्र विरोध जताया है। पूर्व सांसद धनंजय सिंह और एमएलसी बृजेश सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और अशांति फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
SOG टीम पर हमले की जांच तेज
खालिसपुर गांव में दबिश के दौरान क्राइम ब्रांच के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस ने 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए गांव में लगातार छापेमारी कर रही है।
