Movie prime
PMC_Hospital

वाराणसी: ममता की गुहार! 16 महीने के दुधमुंहे बच्चे को सास-ससुर और देवर ने छीना, मां ने पुलिस कमिश्नर से मांगी मदद

पाण्डेयपुर की विवाहिता ने ससुरालियों पर लगाया घर से निकालने और धमकी देने का आरोप; बोलीं- 'मां के दूध के लिए तड़प रहा है मासूम, दोनों को है जान का खतरा।'

Ad

 
ghgg
WhatsApp Group Join Now

Ad

वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। जनपद के पाण्डेयपुर (नई बस्ती) इलाके की रहने वाली एक पीड़ित मां को उसके महज 16 महीने के दुधमुंहे बच्चे से अलग कर दिया गया है। आरोप है कि ससुराल वालों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मासूम को मां की गोद से छीन लिया और विवाहिता को घर से धक्का देकर निकाल दिया। अब अपने जिगर के टुकड़े को वापस पाने और न्याय की आस में पीड़ित मां ने वाराणसी के पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है।

Ad
Ad

सास-ससुर और देवर पर बच्चा छीनने का आरोप

पुलिस कमिश्नरेट में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पाण्डेयपुर निवासी विवाहिता  (पत्नी जितेन्द्र तिवारी, पुत्री देवेन्द्र प्रताप तिवारी) का विवाह जितेन्द्र तिवारी से हुआ था। दोनों का 16 महीने का एक छोटा बेटा है। विवाहिता  का आरोप है कि बीते 23 मई 2026 को उनके देवर धर्मेन्द्र तिवारी, सास-ससुर और ससुराल के अन्य सदस्यों ने मिलकर उनके साथ बदसलूकी की। इसके बाद जबरन उनके मासूम बच्चे को उनसे छीन लिया गया और उन्हें प्रताड़ित कर घर से बाहर खदेड़ दिया गया।

Ad

"मां के दूध और ममता के लिए तड़प रहा है मासूम"

पीड़िता विवाहिता ने अपने शिकायती पत्र में बेहद भावुक अपील करते हुए लिखा है कि उनका बेटा मात्र 16 महीने का है, जिसे इस वक्त मां के दूध और सही पालन-पोषण की सख्त जरूरत है। मां से अलग होने के कारण जहां बच्चा बेहाल है, वहीं बेटे की जुदाई में मां भी गंभीर मानसिक और शारीरिक कष्ट से गुजर रही है।

Ad

जान से मारने की मिल रही धमकी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब भी वह अपने बच्चे से मिलने या उसे वापस पाने का प्रयास करती है, तो विपक्षीगण (ससुराल पक्ष) उसे और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में दोनों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पुलिस कमिश्नर से उचित कानूनी कार्रवाई की मांग

पीड़िता विवाहिता  ने पुलिस आयुक्त से विनम्र निवेदन करते हुए गुहार लगाई है कि इन विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए उनके 16 माह के बच्चे को तत्काल ससुराल वालों के कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें सुपुर्द किया जाए। साथ ही, कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले और धमकी देने वाले ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों की जान-माल की रक्षा हो सके।