Varanasi : नाव हटाने को लेकर माझी समाज का प्रदर्शन, संचालन अधिकार को लेकर विवाद
नमो घाट फेस-2 पर नाव संचालन को लेकर विवाद, नाविक बोले- समझौते के बावजूद जबरन कार्रवाई
वाराणसी,भदैनी मिरर। Varanasi के Namo Ghat फेस-2 पर गुरुवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब स्थानीय नाविकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
माझी समाज से जुड़े नाविकों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने जबरन उनकी नावें खुलवा दीं और विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की।


क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, नमो घाट और Assi Ghat के बीच नाव संचालन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। नाविकों का कहना है कि उनके पास पूर्व में हुआ लिखित समझौता है, जिसके अनुसार उन्हें शाही नाले से लेकर Adi Keshav Ghat तक नाव संचालन की अनुमति दी गई थी।
सराय मोहाना निवासी सुरेंद्र निषाद के अनुसार, उन्हें सूचना मिली कि प्रशासन उनकी नावें जबरन हटवा रहा है। मौके पर पहुंचने पर भारी पुलिस बल तैनात मिला।

नाविकों का आरोप है कि चौकी प्रभारी और संबंधित थाना प्रभारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई और विरोध करने पर अभद्रता की गई।

“हमारी रोजी-रोटी पर हमला”
नाविकों ने आरोप लगाया कि नमो घाट पर नई गंगा आरती शुरू होने के बाद से कुछ लोगों की लालच बढ़ गई है, जिसके चलते उनके रोजगार पर असर डाला जा रहा है।

प्रदर्शन कर रहे नाविकों का कहना है कि पिछले चार महीनों से वे इस उम्मीद में नावें बांधे हुए थे कि आरती शुरू होने पर उन्हें रोजगार मिलेगा, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया।
समझौते को नजरअंदाज करने का आरोप
माझी समाज के लोगों का कहना है कि उनके संगठन के पदाधिकारियों और घाट से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ एक बैठक में स्टांप पेपर पर समझौता हुआ था।
इसके बावजूद अब प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को वे अनुचित बता रहे हैं।
