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वाराणसी-लखनऊ में करोड़ों की ठगी: मेडालियन ज्वेलर्स कंपनी के डायरेक्टर समेत 5 पर केस, 20 महीने में दोगुना का लालच

सोने पर कैशबैक और 10 से 20 महीने में रकम डबल करने का दिया था झांसा

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वाराणसी/लखनऊ (भदैनी मिरर): निवेश पर आकर्षक रिटर्न और सोने पर भारी कैशबैक का लालच देकर हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये और सोना हड़पने वाली नेटवर्किंग कंपनी 'मेडालियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड' के बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। लखनऊ के गोमतीनगर (विभव खंड) निवासी कंपनी के ही पूर्व कर्मचारी और निवेशक मानवेंद्र तिवारी की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में कंपनी के सीईओ और डायरेक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने करीब 40 से अधिक लोगों से सीधे तौर पर करोड़ों की ठगी की है, जबकि पीड़ितों की कुल संख्या हजारों में हो सकती है।

10 से 20 महीने में रुपया दोगुना करने का दांव

दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता मानवेंद्र तिवारी सितंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक कंपनी के दिल्ली स्थित कार्यालय में लीडरशिप ट्रेनर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि कंपनी शुरुआत में लोगों को सोने की खरीद पर आकर्षक कैशबैक देती थी। बाद में आरोपियों ने एक नया 'इन्वेस्टमेंट प्लान' शुरू किया। इस प्लान के तहत निवेशकों को जाल में फंसाने के लिए 10 से 20 महीने में पैसे दोगुने करने का झांसा दिया गया।

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जब मानवेंद्र को इस फ्रॉड का अहसास हुआ और उन्होंने कंपनी के निदेशक सत्यजीत कुमार से इस पोंजी स्कीम को बंद करने को कहा, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इसके कुछ समय बाद ही आरोपियों ने कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी और निवेशकों का सारा डेटा डिलीट कर दिया।

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वाराणसी में स्थापना दिवस मनाने की फिराक में थे आरोपी, ऐसे खुली पोल

ठगी के पैसों से ऐश कर रहे आरोपी अपना नाम बदलकर 'श्री मेडालियन ज्वेलर्स' के नाम से नई वेबसाइट बनाकर नए शिकार ढूंढ रहे थे। इसी बीच, बीती 5 जुलाई को वाराणसी में आनंद पांडेय नाम के व्यक्ति द्वारा कंपनी की छठी वर्षगांठ मनाने का जोरदार प्रचार शुरू किया गया।

रविवार को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली में छठे स्थापना दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें शहर के मेयर और पुलिस आयुक्त को भी आमंत्रित किया गया था। हालांकि, सजग शिकायतकर्ता मानवेंद्र ने इसकी भनक लगते ही 30 जून को पीएमओ (PMO) और 3 जुलाई को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी थी।

पुलिस को देख मची खलबली, आरोपी फरार

शिकायत के आधार पर पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर थे। रविवार को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना भारी पुलिस बल के साथ नागरी नाटक मंडली पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद ठगे गए निवेशकों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस की भनक लगते ही मुख्य आरोपी और उनके गुर्गे कार्यक्रम स्थल से दुम दबाकर भाग निकले।

इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

साइबर थाना पुलिस ने ठगी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कंपनी के इन कर्ता-धर्ताओं पर शिकंजा कसा है:

  1. सत्यजीत कुमार (सीईओ)

  2. कृष्ण गौर

  3. राहुल देव रजक

  4. आनन्द पांडेय

  5. अजीत पांडेय

साइबर सेल अब कंपनी के बैंक खातों और नई वेबसाइट को खंगालने में जुट गई है ताकि डूबी हुई रकम का पता लगाया जा सके।