वाराणसी: JHV मॉल पर कसेगा कानूनी शिकंजा, कचरा प्रबंधन नियमों की अनदेखी पर CJM कोर्ट से चालान भेजने की तैयारी
नोटिस की मियाद खत्म, 100 किग्रा से अधिक कचरा उत्पादन के बाद भी ऑन-साइट निस्तारण में लापरवाही, कैंट क्षेत्र में फैली गंदगी
वाराणसी (भदैनी मिरर)
छावनी (कैंट) स्थित प्रसिद्ध जेएचवी (JHV) मॉल द्वारा खुले में कूड़ा डंप करने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) नियमों की लगातार अनदेखी करने पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर नगर आयुक्त द्वारा मॉल प्रबंधन को जारी कारण बताओ नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार न दिखने पर, अब नगर निगम सीजेएम (CJM) कोर्ट के माध्यम से चालान भेजने और अन्य सख्त विधिक कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है।

नियमों की सरेआम अनदेखी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के नियम 4 के अनुसार, रोजाना 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर (जैसे मॉल, बड़े होटल, कम्युनिटी सेंटर व मैरिज हॉल) के लिए कचरे का स्रोत पर ही पृथक्कीकरण (सेग्रीगेशन) करना अनिवार्य है। साथ ही, गीले कचरे का परिसर के भीतर ही ऑन-साइट निस्तारण या कंपोस्टिंग करना भी कानूनी रूप से जरूरी है।

इसके बावजूद जेएचवी मॉल प्रबंधन डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली अधिकृत एजेंसी (मेसर्स वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन प्रा. लि.) की गाड़ियों के प्रतिदिन आने के बाद भी उनका सहयोग नहीं कर रहा है। मॉल द्वारा सीएंडडी (निर्माण व ध्वस्तीकरण) वेस्ट और अन्य कचरे को अपने ही परिसर में खुले में डंप किया जा रहा है।

शहर की साख पर उठ रहे सवाल
वाराणसी का छावनी क्षेत्र एक प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही रहती है। मॉल प्रबंधन की इस लचर कार्यप्रणाली और मनमानी के कारण क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी बनारस की स्वच्छता और साख पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, नोटिस की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी मॉल प्रबंधन ने कचरा निस्तारण की व्यवस्था में सुधार नहीं किया। इसके चलते अब भारी जुर्माना लगाने और अदालत के माध्यम से शिकंजा कसने की अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
