वाराणसी: मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को पैरों से रौंदा, चप्पलों से पीटा
मुख्यमंत्री की माता पर कथित टिप्पणी से नाराज कार्यकर्ताओं ने लंका के मालवीय चौराहे पर किया प्रदर्शन, Vishwa Hindu Mahasangh और Hindu Suraksha Seva Sangh ने फूंका पुतला
वाराणसी,भदैनी मिरर। Varanasi के लंका क्षेत्र में सोमवार को कथित विवादित बयान के विरोध में हिंदू संगठनों ने आक्रोश मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम Hindu Suraksha Seva Sangh और Vishwa Hindu Mahasangh (भारत) उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।


प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लंका स्थित मालवीय चौराहा पर मौलाना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुतले को पैरों से रौंदा और चप्पलों से मारकर विरोध जताया।

विवादित बयान के विरोध में प्रदर्शन
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का आरोप है कि बिहार के मौलाना Maulana Abdullah Salim ने रमजान के मौके पर Yogi Adityanath की माता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारत में मां का दर्जा सर्वोच्च माना जाता है और किसी की भी माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी
Vishwa Hindu Mahasangh (भारत) उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिलाध्यक्ष Rajesh Pandey ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी की मां-बहन पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में तनाव पैदा कर सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी की मां-बहन पर अपमानजनक टिप्पणी न करे, अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि कथित टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की टिप्पणी करने से पहले सौ बार सोचे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
