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वाराणसी: निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ 'काशी अभिभावक संघ' का शंखनाद, आंदोलन की बनी रणनीति

15 अप्रैल को जिलाधिकारी को सौपेंगे चार सूत्रीय ज्ञापन

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Varanasi
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वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के निजी स्कूलों द्वारा फीस, ड्रेस और स्टेशनरी के नाम पर की जा रही कथित 'लूट' के खिलाफ अब अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार, 12 अप्रैल को जवाहर नगर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में 'काशी अभिभावक संघ' का विधिवत गठन किया गया। इस बैठक में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।

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अभिभावक और छात्र दोनों त्रस्त

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा फीस, किताबों, स्टेशनरी और अन्य गतिविधियों के नाम पर वसूला जा रहा भारी शुल्क अब बर्दाश्त से बाहर हो गया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन अपनी मनमर्जी से शुल्क बढ़ा रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। इसी समस्या के समाधान और अभिभावकों के हक की लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से इस संघ की नींव रखी गई है।

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15 अप्रैल को जिला प्रशासन की चौखट पर गुहार

संघ ने निर्णय लिया है कि आगामी 15 अप्रैल (बुधवार) को जिलाधिकारी वाराणसी से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • फीस पारदर्शिता: सभी निजी स्कूल अपनी फीस का पूर्ण विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें।
  • री-एडमिशन फीस: दोबारा दाखिले के नाम पर ली जाने वाली फीस को तत्काल प्रभाव से वापस कर उसे मासिक शुल्क में 'एडजस्ट' किया जाए।
  • NCERT अनिवार्य हो: स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों की जगह NCERT की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की जाएं।
  • RTE का पालन: 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का दाखिला सुनिश्चित हो और उनसे किसी भी प्रकार का शुल्क न लिया जाए।

बैठक में ये रहे मौजूद

जवाहर नगर में आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ. शम्मी कुमार सिंह (अधिवक्ता), अभिषेक श्रीवास्तव गोलू, राजेश सिंह, काशी सिंह, जितेंद्र सिंह, देवेंद्र पांडेय, राहुल नागवानी, अंकित सेठ और गणेश रावत सहित कई अभिभावक शामिल हुए। बैठक का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन राजेश सिंह राजपूत ने किया।
 

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