Varanasi: पत्रकार संग बदसलूकी, नेताओं के ट्वीट, अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद आरोपी सिपाही निलंबित
आखिर क्यों बचाने पर आमादा थे पांडेयपुर चौकी प्रभारी और थानेदार, क्या है "डीलिंग" शब्द का खेल, सिपाही का अस्पताल में 'गोली मारने' की धमकी देने का वीडियो हुआ था वायरल
वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के पांडेयपुर पुलिस चौकी में स्थानीय पत्रकार देवेंद्र पांडेय से अभद्रता, गाड़ी की चाबी व मोबाइल छीनने और बाद में मेडिकल जांच के दौरान 'गोली मार दूंगा' की खुली धमकी देने वाले सिपाही रानू कुमार पर आखिरकार गाज गिर गई है। मामले में तूल पकड़ने और चौतरफा घिरने के बाद डीसीपी वरुणा जोन ने आरोपी आरक्षी (सिपाही) रानू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस संबंध में डीसीपी वरुणा जोन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (@DcpVns) पर विभागीय कार्रवाई की औपचारिक पुष्टि की गई है।
जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, बिना अनुमति छोड़ा था थाना
डीसीपी वरुणा जोन कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार जांच में पाया गया कि आरोपी आरक्षी रानू कुमार और पीड़ित पत्रकार देवेंद्र पांडेय पूर्व से ही एक-दूसरे से परिचित हैं। आरक्षी रानू कुमार (जो रोहनिया थाने में तैनात था) ने बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के अपना थाना क्षेत्र छोड़ा और लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के पांडेयपुर चौकी पर जाकर गैर-कानूनी ढंग से विवाद उत्पन्न किया। कर्तव्य में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और अनधिकृत रूप से दूसरे थाना क्षेत्र में जाकर विवाद करने के आरोप सिद्ध होने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस संरक्षण में आरोपित पुलिसकर्मी का व्यवहार देखें..!
— Bhadaini Mirror (@Bhadaini_Mirror) September 23, 2026
गोली मार दूंगा.. बॉस गोली मार दूंगा! गजब की धमकी दे रहा है!
आखिर यह अभय वरदान इस सिपाही को लालपुर पांडेयपुर थानेदार ने दिया है क्या?
रोहनिया का सिपाही यहां आया कैसे!
थानेदार रोहनिया के भूमिका की भी जांच हो।@dcpvns pic.twitter.com/QWNfBjKbTe

थाने पर अर्धनग्न प्रदर्शन से लेकर अस्पताल में 'गोली मारने' की धमकी तक का घटनाक्रम
गौरतलब है कि आरोपों के मुताबिक बुधवार को पांडेयपुर चौकी के भीतर नशे में धुत सिपाही रानू कुमार ने स्थानीय पत्रकार देवेंद्र पांडेय के साथ बदसलूकी की थी। इसके विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने लालपुर-पांडेयपुर थाने के बाहर बारिश के बीच अर्धनग्न होकर 4 घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया।
मामले में राजनीतिक मोड़ तब आया जब कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे धरना स्थल पर पहुंचे, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया पर सरकार और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को आड़े हाथों लिया।
अस्पताल में किया था हाईवोल्टेज ड्रामा
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जब लालपुर-पांडेयपुर पुलिस आरोपी सिपाही रानू कुमार को मेडिकल जांच के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल लेकर पहुंची, तो वहां सिपाही शराब के नशे में लड़खड़ाता नजर आया। इतना ही नहीं, उसने मीडिया कैमरों के सामने पत्रकारों को खुलेआम "सही बता रहा हूं बॉस, गोली मार दूंगा" कहकर सनसनी फैला दी थी।
सिपाही रानू कुमार के निलंबन के बाद पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है, हालांकि पत्रकारों का कहना है कि पुलिस महकमे में छिपे ऐसे अनुशासनहीन कर्मियों पर आपराधिक धाराओं में भी मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
