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वाराणसी: एक ही मंदिर में दो महिलाओं के गहने चोरी, शिवपुर पुलिस की ढिलाई पर उठे सवाल; 4 दिन बाद एक FIR दर्ज, दूसरी का इंतजार

गिलट बाजार स्थित शिव मंदिर में हरितालिका तीज के दिन कटे लाखों के आभूषण; अर्चना सिंह के मंगलसूत्र की रिपोर्ट 4 दिन बाद दर्ज, रंजू सिंह अभी भी भटक रहीं

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वाराणसी (शिवपुर) / भदैनी मिरर:

वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गिलट बाजार में पुलिसिया कार्यप्रणाली और मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। संत अतुलानंद स्कूल के समीप स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में हरितालिका तीज के पावन पर्व पर पूजा-अर्चना करने आई दो महिलाओं के लाखों रुपये के सोने के गहने चोरी हो गए।

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हैरान करने वाली बात यह है कि एक ही स्थान और एक ही दिन हुई इन दो समानांतर घटनाओं में पुलिस का दोहरा रवैया सामने आ रहा है—एक पीड़िता की एफआईआर (FIR) घटना के चार दिन बाद दर्ज की गई, जबकि दूसरी पीड़िता न्याय के लिए आज भी थाने के चक्कर काट रही है।

मामला 1: 6 लाख का मंगलसूत्र चोरी, 4 दिन बाद जागी पुलिस

जानकारी के अनुसार, 14 सितंबर 2026 की शाम हरितालिका तीज की पूजा के दौरान अर्चना सिंह के गले से करीब 40 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र शातिर चोरों ने उड़ा दिया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹6 लाख बताई जा रही है।

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पीड़िता के पति अमितेश सिंह ने घटना के तुरंत बाद 14 सितंबर को ही शिवपुर थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया था। हालांकि, तहरीर मिलने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में चार दिन लगा दिए और 18 सितंबर की रात 11:06 बजे जाकर एफआईआर दर्ज की गई।

मामला 2: 15 ग्राम की सोने की चेन गायब, अब भी FIR का इंतजार

इसी मंदिर में पूजा करने पहुंची दूसरी पीड़िता रंजू सिंह के साथ भी वही वारदात हुई। उनके गले से लॉकेट सहित करीब 15 ग्राम सोने की चेन चोरी कर ली गई।

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रंजू सिंह ने भी तत्काल पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी, लेकिन उनका आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। एक ही मंदिर और एक ही दिन हुई दो समान घटनाओं में शिवपुर पुलिस का यह भेदभावपूर्ण रवैया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, उठ रहे तीखे सवाल

भीड़भाड़ वाले प्रमुख त्योहार पर मंदिर परिसर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैयारियों की कलई खुल गई है। क्षेत्रीय जनता और पीड़ितों द्वारा कई कड़े सवाल उठाए जा रहे हैं:

  • जब घटना की सूचना तुरंत दे दी गई थी, तो प्राथमिक सूचना दर्ज करने में 4 दिन का समय क्यों लगा?

  • क्या पुलिस में एफआईआर दर्ज करना पीड़ित की स्थिति या दबाव के आधार पर तय होता है?

  • पर्व के दिन जब सैकड़ों महिलाएं मंदिर में थीं, तब पुलिस का गश्त व निगरानी तंत्र कहां था?

शिवपुर पुलिस के सामने अब न केवल लंबित एफआईआर दर्ज करने का दबाव है, बल्कि मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरी गए लाखों के आभूषणों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की बड़ी चुनौती है।