वाराणसी: धन्नीपुर में जलकल और पार्षद प्रतिनिधि की मनमानी से बढ़ा आक्रोश, रात के अंधेरे में सीवर चेंबर ठप करने पर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
लोहता वार्ड-52 के पार्षद प्रतिनिधि पर रंजिश में जल निकासी बंद करने का आरोप; घरों और मदरसों में घुसा गंदा पानी
भदैनी मिरर, वाराणसी।
वाराणसी के लोहता क्षेत्र से सटे ग्राम पंचायत धन्नीपुर में जल निकासी और सीवेज ब्लॉक किए जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। आरोप है कि नगर निगम के जलकल विभाग के कुछ कर्मचारियों और लोहता वार्ड नंबर-52 के पार्षद प्रतिनिधि शमीम नोमानी ने आपसी रंजिश के चलते धन्नीपुर गांव की भूमिगत जल निकासी के मुख्य चेंबर को बोरे और बालू से पाटकर पूरी तरह बंद कर दिया है।


इस मनमानी के कारण पूरे गांव में सीवर का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों, रास्तों और मदरसों में भर गया है। इससे आक्रोशित ग्राम प्रधान और दर्जनों ग्रामीण सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को संबोधित एक 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की गुहार लगाई।

रात के 2 बजे चेंबर में बोरा और बालू डालने का आरोप
धन्नीपुर के ग्राम प्रधान फकीर अली ने मीडिया को बताया कि उनके गांव की जल निकासी वर्षों से लोहता ग्राम पंचायत (जो अब नगर निगम के वार्ड-52 में शामिल हो चुका है) की सीमा से होते हुए हरपालपुर, चंदापुर और महमूदपुर के जरिए मुख्य धमरिया नाले में मिलती रही है।

आरोप है कि बीते 4 जुलाई 2026 की रात करीब 2 से 3 बजे के बीच वार्ड-52 के पार्षद प्रतिनिधि शमीम नोमानी 4-5 अज्ञात लोगों को लेकर आए और धन्नीपुर के बॉर्डर से महज 10 मीटर दूर स्थित मुख्य चेंबर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर उसे मलबे और बोरे से पाट दिया। प्रधान ने दावा किया कि इस पूरी घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास मौजूद है, जिसमें रात के अंधेरे में चेंबर को ब्लॉक करते हुए लोग साफ देखे जा सकते हैं।
घरों और मदरसों में भरा सीवर का पानी, बीमारी फैलने का खतरा
राष्ट्रीय पसमांदा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद बाबर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से गांव के हालात बदतर हो चुके हैं। घरों के अंदर सीवर का पानी जमा है। छोटे-छोटे बच्चे गंदे और बदबूदार पानी के बीच से होकर मदरसे और स्कूल जाने को मजबूर हैं। यदि इस ब्लॉक को तुरंत नहीं खोला गया, तो गांव में महामारी फैलने का पूरा खतरा है।
महमूदपुर के प्रधान प्रतिनिधि इम्तियाज हाशमी ने भी धन्नीपुर के प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि पानी हमेशा एक गांव से दूसरे गांव की सीमा से होकर ही मुख्य नाले तक जाता है। लोहता का पानी भी अन्य गांवों से गुजरता है, ऐसे में धन्नीपुर का पानी जबरन रोकना पूरी तरह गैर-कानूनी और जनविरोधी है।
उल्टा प्रधान पर ही मुकदमा दर्ज कराने का दबाव
ग्राम प्रधान फकीर अली ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सुबह जलभराव होने पर ग्रामीणों ने चेंबर को साफ करना शुरू किया, तो पार्षद प्रतिनिधि ने उल्टा लोहता थाने को झूठी सूचना देकर प्रधान के खिलाफ सरकारी संपत्ति तोड़ने का मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया। लोहता थाना प्रभारी (SHO) ने भी मौके पर आकर समस्या देखने के बजाय फोन पर ही दबाव बनाने का प्रयास किया। हालांकि, बाद में एसओ ने शांति व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया।
पुलिस कमिश्नर ने दिया त्वरित निस्तारण का आश्वासन
सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों को ढाढस बंधाते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल लोहता थाना प्रभारी को निर्देशित किया है। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) महोदय से भी वार्ता कर तहसील दिवस के माध्यम से जलकल विभाग और नगर निगम की टीम को मौके पर भेजकर तत्काल चेंबर को साफ कराकर जल निकासी निर्बाध रूप से बहाल कराई जाएगी।
