वाराणसी: काशी में देश का पहला भव्य पंचायत सम्मेलन
केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान बोले- 'मनरेगा में हर साल एक ही गड्ढा न खोदें, विकसित पंचायत बनाएं'
वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समागम का आयोजन किया गया। देश के स्तर पर आयोजित इस प्रथम त्रि-राज्यीय पंचायत सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से भारी संख्या में पंचायत प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।


सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि आज हम काशी की पवित्र धरा पर देश की 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी के भविष्य और विकास पर वार्ता करने के लिए उपस्थित हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय है और गांवों के विकास से ही देश का विकास संभव है।

मनरेगा को लेकर केंद्रीय मंत्री की नसीहत: एक ही गड्ढा बार-बार न खोदें
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मनरेगा (नरेगा) योजना की कार्यप्रणाली पर खुलकर बात की। उन्होंने ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रमुखों से मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखने की अपेक्षा करते हुए कहा, "नरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष एक ही गड्ढे को बार-बार न खोदें। बल्कि, वर्तमान योजनाओं का सही उपयोग करते हुए मजबूत और आत्मनिर्भर विकसित पंचायत की तरफ कदम बढ़ाएं।"

उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि हमारा यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि ग्रामीण समूहों के उत्पादों को बाजार (मार्केट) मिले, जिसके लिए लगातार 'सरस मेलों' का आयोजन किया जाना चाहिए। मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में 23 करोड़ बैंक खाते खोलने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
15 साल में बदल गई काशी की तस्वीर, हर साल आ रहे 15 करोड़ श्रद्धालु
केंद्रीय मंत्री ने वाराणसी में हुए विकास कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में वर्तमान काशी में अकल्पनीय, अतुलनीय और अविश्वसनीय कार्य हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद काशी की पूरी दिशा और दशा बदल गई है। वर्तमान में काशी में प्रतिवर्ष 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां की पूरी व्यवस्था, सड़कें और एयर कनेक्टिविटी उच्च स्तर पर विकसित हो चुकी हैं। बाबा विश्वनाथ की धरती से उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अनुसरण करते हुए अपनी पंचायतों को विकसित बनाने की ओर अग्रसर हों।
रोजगार की गारंटी अब 100 से बढ़कर हुई 125 दिन: आयुक्त ग्राम्य विकास
सम्मेलन में मौजूद उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 को लागू किए गए नए कानून के तहत इस प्रथम पंच सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पंचायत अध्यक्षों से सीधे संवाद स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिसमें बुनियादी रोजगार को भी विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है।
'जी राम जी अधिनियम' से देश के 2.8 लाख गांवों को मिलेगी नई ताकत
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. जी. ने सम्मेलन में सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम' को 1 जुलाई से देश के 2.8 लाख ग्रामों में एक साथ लागू किया गया है। इस अधिनियम में यह कड़ा प्रावधान किया गया है कि किसी भी श्रमिक को एक दिन भी बिना रोजगार के न बैठना पड़े। उन्होंने एक बड़ा आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि पिछले महज दो हफ्तों में ही दो करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं। अब यह पंचायतों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी पंचायत को विकसित बनाने के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करें।
सम्मेलन में जुटे दिग्गज
इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव व त्रिभुवन राम उपस्थित रहे।
इसके साथ ही भारत सरकार की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर., आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी और तीनों राज्यों से आए भारी संख्या में पंचायत प्रमुख व प्रधान मौजूद रहे।


