Varanasi : हेमंत और जितेंद्र पटेल हत्याकांड में 'समान न्याय' की मांग, सरदार सेना ने राज्यपाल को भेजा 5 सूत्रीय मांग पत्र
"मनीष सिंह मर्डर केस की तरह मिले 1 करोड़ की मदद और सरकारी नौकरी", पक्षपात का आरोप लगा भड़की सरदार सेना; अवैध स्कूल भवन पर बुलडोजर चलाने की मांग
वाराणसी (भदैनी मिरर): वाराणसी जनपद में पिछले दिनों हुए दो अलग-अलग सनसनीखेज हत्याकांडों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन 'सरदार सेना उत्तर प्रदेश' ने 12वीं के छात्र हेमंत पटेल और युवा जितेंद्र पटेल की निर्मम हत्या के मामलों में जिला प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल को एक विस्तृत मांग पत्र भेजकर पीड़ितों के लिए 'न्याय की समानता के सिद्धांत' के तहत तत्काल मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा की मांग की है। ऐसा न होने पर संगठन ने प्रदेश व्यापी बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।


केस 1: ज्ञानदीप इंग्लिश स्कूल के छात्र हेमंत पटेल की हत्या का मामला
राज्यपाल को भेजे पत्र में सरदार सेना ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष 22 अप्रैल 2025 को ज्ञानदीप इंग्लिश स्कूल (नटिनियादाई, वाराणसी) के परिसर में ही 12वीं के छात्र हेमंत पटेल की स्कूल प्रबंधक रवि सिंह द्वारा कथित तौर पर निर्मम हत्या कर दी गई थी। संगठन का आरोप है कि राजस्व टीम द्वारा चिह्नित किए जाने के बावजूद, सरकारी नाले पर बने ज्ञानदीप इंग्लिश स्कूल के अवैध निर्माण पर अब तक प्रशासन का बुलडोजर नहीं चला है। पीड़ित परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है।

केस 2: अवलेशपुर में जितेंद्र पटेल की सनसनीखेज हत्या
वहीं, दूसरी हालिया घटना बीते 8 जून 2026 की रात की है। वाराणसी के अवलेशपुर के सौरभ विहार कॉलोनी में रहने वाले लालचंद्र पटेल के पुत्र जितेंद्र पटेल की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर या धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में भी वाराणसी जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैए को लेकर समाज में भारी नाराजगी है।

"मनीष सिंह हत्याकांड जैसी त्वरित कार्रवाई दोनों परिवारों के लिए भी हो"
सरदार सेना ने अपने पत्र में सरकार की मंशा और न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। सूत्रों के हवाले से संगठन ने कहा कि वाराणसी के ही मनीष सिंह हत्याकांड में उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का चेक, सुरक्षा और सरकारी नौकरी की अनुशंसा की है।
संगठन का कहना है कि एक तरफ सरकार इतनी तत्परता दिखाती है, वहीं दूसरी तरफ पटेल समुदाय (पिछड़े वर्ग) से आने वाले हेमंत और जितेंद्र पटेल के मामलों में पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है। यह जातिगत आधार पर पक्षपातपूर्ण रवैए को दर्शाता है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है।
सरदार सेना की राज्यपाल से 5 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
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बुलडोजर की कार्रवाई: छात्र हेमंत पटेल के आरोपियों की संपत्ति और नाले पर बने ज्ञानदीप स्कूल के अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए।
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तत्काल गिरफ्तारी: जितेंद्र पटेल के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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सरकारी नौकरी: दोनों पीड़ित परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए।
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सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस: दोनों पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें आत्मरक्षार्थ शस्त्र लाइसेंस निर्गत कराए जाएं।
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आर्थिक सहायता: दोनों ही पीड़ित परिवारों को तत्काल प्रभाव से एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।
सरदार सेना के पदाधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल से विनम्र आग्रह किया है कि वे इन दोनों संवेदनशील प्रकरणों का स्वतः संज्ञान लें और वाराणसी जिला प्रशासन को बिना किसी भेदभाव के त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का निर्देश दें।
