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वाराणसी घाट सुरक्षा: पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान, 58 नावें सीज, ₹10.62 लाख से अधिक का जुर्माना

गंगा में बिना लाइफ जैकेट जल विहार पर रोक, आपातकाल के लिए '112' एकमात्र इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर

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वाराणसी, भदैनी मिरर। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस घाटों पर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) श्री मोहित अग्रवाल ने खुद कमान संभालते हुए दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, नमो घाट और अस्सी घाट क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

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"गंगा घाटों पर नशा और गंदगी फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई"

निरीक्षण के दौरान मीडिया से बात करते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा:

"गंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। गंगा घाटों एवं नदी क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन करना तथा अपशिष्ट (कूड़ा) फेंकना पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"

नाविकों के लिए सख्त नियम: 58 नावें सीज, 31 पर FIR

कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि गंगा में जल विहार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले नाविकों के खिलाफ पिछले एक महीने में सघन अभियान चलाया गया है। जल पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक कुल 31 अभियोग (FIR) पंजीकृत किए गए हैं और 58 नावों को सीज किया जा चुका है।

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डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए 'डीप वाटर बैरिकेडिंग'

श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए घाटों पर प्लास्टिक फ्लोटर्स की मदद से डीप वाटर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, रात में अंधेरा होने के बाद नावों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा।

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अलग-अलग नंबरों का झंझट खत्म, '112' है वन नेशन-वन नंबर

घाटों पर किसी भी आपात स्थिति या डूबने की घटना के दौरान मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर के सवाल पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अब देश में मल्टीपल नंबरों की जरूरत नहीं है। '112' एक इंटीग्रेटेड प्रणाली है, जो 24 घंटे काम करती है। चाहे मामला डूबने का हो, दुर्घटना का हो या अपराध का, 112 पर कॉल करते ही सूचना तुरंत संबंधित विभाग (जैसे जल पुलिस या फायर ब्रिगेड) को ट्रांसफर हो जाती है। इससे देश के किसी भी कोने से आए पर्यटक को नंबर याद रखने में आसानी होती है।

'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत वसूला ₹10.62 लाख से अधिक का जुर्माना

घाटों के अलावा शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए वाराणसी पुलिस द्वारा "ऑपरेशन चक्रव्यूह" चलाया जा रहा है। इस विशेष चेकिंग अभियान के तहत:

  • कुल सीज वाहन: 22

  • कुल चालान: 529 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई

  • वसूला गया शमन शुल्क: ₹10,62,500/- (दस लाख बासठ हजार पांच सौ रुपये)

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे आला अधिकारी

इस हाई-लेवल सुरक्षा निरीक्षण और पैदल गश्त के दौरान पुलिस कमिश्नर के साथ अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) श्री शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) श्री गौरव बंशवाल, और अपर पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) श्री वैभव बांगर सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।