वाराणसी: पहाड़ों पर बारिश से काशी में मंडराया बाढ़ का खतरा, दशाश्वमेध घाट पर देवी-देवताओं के विग्रह पानी में डूबे
5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
वाराणसी (भदैनी मिरर): पहाड़ों पर हो रही लगातार भारी बारिश का सीधा असर अब धर्म नगरी काशी (वाराणसी) में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिसके कारण घाटों किनारे स्थित कई विग्रह और छोटे मंदिर पानी में डूबने लगे हैं। रविवार, 19 जुलाई को गंगा का पानी उफान लेते हुए दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा सेवा निधि के आरती चबूतरे तक पहुंच गया। आरती स्थल की मढ़ी के नीचे स्थापित मां दुर्गा और भगवान शिव सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां अब बाढ़ के पानी में पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं।


5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी
नदी के जलस्तर में हो रही इस अचानक वृद्धि के कारण घाटों पर जलकुंभी किनारों पर आकर जमा हो गई है। जल पुलिस के प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि गंगा के जलस्तर में 5 से 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पानी के इस तेज बढ़ाव के कारण निचले घाटों और तटीय इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों में संभावित बाढ़ को लेकर दहशत का माहौल बन गया है।

प्रशासन मुस्तैद, नाव संचालन पर कड़ी निगरानी
गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं:
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सुरक्षा अपील: लोगों और श्रद्धालुओं से नदी के गहरे पानी और किनारों से दूर रहने तथा विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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नावों की निगरानी: गंगा में नाव संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
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राहत कार्य की तैयारी: बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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निरंतर मॉनिटरिंग: केंद्रीय जल आयोग (CWC) और जल पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलस्तर की नियमित निगरानी कर रही है।
स्थानीय व्यापार और पर्यटन पर असर
गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में कमी आने की आशंका है। इससे स्थानीय व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को भी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

मौसम विभाग की चेतावनी
कई स्थानीय परिवारों ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया है। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर के और अधिक बढ़ने की प्रबल आशंका है।

