वाराणसी: बाबा कीनाराम स्थल 'क्रीं-कुण्ड' में लोलार्क छठ पर उमड़ा आस्था का सैलाब
अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के छठी समारोह पर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गूंजा अघोरपीठ; रक्तदान शिविर व विशाल मेले का आयोजन
वाराणसी (शिवाला) / भदैनी मिरर: अघोर परंपरा के विश्वविख्यात केंद्र और महान सिद्धपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' में गुरुवार (17 सितंबर 2026) को अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी महाराज के छठी समारोह यानी 'लोलार्क छठ' (लोलार्क षष्ठी) का पर्व अगाध श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर अघोरपीठ में देश-दुनिया से आए हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और अघोर साधकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

हर-हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष से गूंजा अघोर परिसर
सुबह आश्रम परिसर की साफ-सफाई और दैनिक आरती के बाद श्रद्धालुओं का इंतजार पूरा हुआ। सुबह करीब 9:00 बजे अघोर परंपरा के सर्वमान्य आराध्य और सिद्धपीठ के वर्तमान (11वें) पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी जैसे ही अपने कक्ष से बाहर आए, पूरा परिसर घंटों, डमरू, शंखध्वनि और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

औपचारिक पूजा-अर्चना के बाद महाराजश्री अपने विश्वविख्यात औघड़ तख्त पर विराजमान हुए। अनुशासित और संयमित कतार में खड़े श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के दर्शन किए तथा परिसर में स्थित बाबा कीनाराम जी, अघोरेश्वर महाप्रभु बाबा भगवान राम जी की समाधियों का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया।

रक्तदान शिविर और विशाल मेला
इस आध्यात्मिक पर्व के मौके पर सामाजिक संस्थान 'अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान' के महिला मंडल द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।
उधर, आश्रम परिसर के बाहर विशाल मेले जैसा दृश्य रहा, जहां सैकड़ों दुकानों पर हजारों लोगों ने खरीदारी की। भीड़ के सटीक आकलन के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिसबल मुस्तैद रहा। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा कार्यक्रम सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
