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वाराणसी: घर में घुसकर परिवार को पीटा, सोने की चेन लूटी; पीड़ित का आरोप—लक्सा पुलिस ने FIR में की हेराफेरी, आरोपी को दी ढील

लक्सा के मारगुराबाग में घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट, बुजुर्ग माता-पिता को भी नहीं बख्शा

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वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी के लक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत मारगुराबाग (निवासी डी 54/155, डी-1) में बीते 7 जुलाई की रात करीब 8:45 बजे कुछ दबंगों और बदमाशों ने एक घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने पीड़ित संजय कुमार लालवानी, उनकी पत्नी और उनके बुजुर्ग माता-पिता (पिता जीवराज उर्फ जीवनदास और माता कमला देवी) पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बदमाश पीड़ित के गले से सोने की चेन भी छीनकर भागने लगे।

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चीख-पुकार के बीच पीड़ित संजय ने भाग रहे एक मुख्य अभियुक्त दिलीप यादव (पुत्र राधेश्याम, निवासी दशाश्वमेध) को मौके पर ही दबोच लिया और सूचना पाकर पहुंची लक्सा थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

FIR में गड़बड़ी और धाराओं के खेल पर भड़का पीड़ित

घटना के बाद संजय कुमार लालवानी ने थाने जाकर तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0067/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(3), 115(3), 333, और 304 के तहत केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ।

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पीड़ित संजय लालवानी ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर लक्सा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में जानबूझकर उनके पिता के नाम 'जीवराज' की जगह 'जीतन दास' लिख दिया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि सरेआम हुई सोने की चेन की लूट की घटना को छिपाने के लिए पुलिस ने बीएनएस की प्रासंगिक धारा 309(2) (लूट/छीनतई) दर्ज करने के बजाय उसे महज सामान्य धाराओं में समेट दिया।

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थाना प्रभारी पर आरोपी की मदद करने का संगीन आरोप

पीड़ित ने लक्सा थाना प्रभारी (SO) राजू कुमार पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि मौके से पकड़े गए शातिर अभियुक्त दिलीप यादव को कड़ी धाराओं में जेल भेजने के बजाय थाना प्रभारी ने कथित तौर पर साठगांठ कर ली। पुलिस ने आरोपी को बचाने के उद्देश्य से उसका बेहद हल्की कार्रवाई करते हुए धारा 151 (शांति भंग की आशंका) के तहत चालान कर न्यायालय भेज दिया, जहां से उसे आसानी से जमानत मिल गई।

तहरीर में कहा गया है कि थाना प्रभारी राजू कुमार किसी निजी स्वार्थ या प्रभाव में आकर बदमाशों की मदद कर रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार की जान-माल को अब और भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

संशोधन और उच्चस्तरीय जांच की मांग

पीड़ित संजय कुमार लालवानी ने कमिश्नरेट पुलिस के आलाधिकारियों से गुहार लगाई है कि लक्सा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में तत्काल संशोधन किया जाए। पिता का सही नाम दर्ज करने के साथ ही लूट की वास्तविक धारा 309(2) BNS को मुकदमे में बढ़ाया जाए। साथ ही, लक्सा थाना प्रभारी की संदिग्ध भूमिका की जांच करते हुए पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सुरक्षा मुहैया कराई जाए।