वाराणसी: दहेज प्रताड़ना मामले में पति शिवम पाण्डेय को मिली अग्रिम जमानत
विशेष न्यायाधीश की अदालत ने पुलिस गिरफ्तारी की दशा में 50-50 हजार की जमानत पर रिहाई का आदेश दिया
वाराणसी, भदैनी मिरर। दहेज प्रताड़ना के गंभीर मामले में वाराणसी की अदालत ने आरोपी पति शिवम जितेंद्र पाण्डेय को अग्रिम जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तृतीय) पूनम पाठक की अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने पक्ष रखा और जमानत की मांग की।



अभियोगी पक्ष के अनुसार, विरोधिनी पारुल सिंह ने शिवम पाण्डेय और उनके परिवार के खिलाफ शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही वादिनी को पति और ससुराल वालों ने दहेज में कम पैसे देने, ताने-मारने, मारपीट और प्रताड़ित करने के मामले में परेशान किया।
वादिनी के मुताबिक उसकी शादी 8 फरवरी 2023 को हुई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष शादी के बाद से ही 14 लाख रुपये या कार लाने का दबाव बनाया लगा। वादिनी ने आरोप लगाया कि वह गर्भवती थी और उसे गर्भपात के लिए बाध्य किया गया। उसने जब इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट और घर से निकालने की धमकी दी गई।

जिसकी जानकारी होने पर वादिनी मुकदमा की मां, दादा एवं बड़े पापा 14 जनवरी 2024 को उसके ससुराल आये तथा काफी समझाये व उनकी मांगो के लिए अपनी मजबूरियों का हवाला देते हुए तीन लाख रूपया नकद दिये। इसके बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला और पति जबरन उसके साथ आप्राकृतिक मैथुन करते और विरोध करने पर उसे नग्न करके घर से निकाल देते। इस बीच वादिनी के पति अपनी एक महिला मित्र दीपिका दयाल को लेकर घर ले आये और कहने लगे कि वह उनके साथ वर्कआउट करती है और अब वादिनी के पति दीपिका दयाल के साथ ही रहेगी। वादिनी के विरोध करने पर दीपिका उसको भद्दी-भद्दी गाली देने लगी और वादिनी को जान से मारने की धमकी देने लगी। जिसके बाद वादिनी को 13 अक्टूबर 2024 को जबरन घर से निकाल कर मायके भेज दिया गया।

