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वाराणसी में दहेज हत्या पर बड़ा फैसला: पति और सास को 14-14 साल की कठोर कैद, 8 साल बाद मिला इंसाफ

₹1 लाख और फ्रिज के लिए प्रताड़ित कर ली थी विवाहिता की जान; भेलूपुर के रानीपुर बिंद बस्ती का मामला, कोर्ट ने लगाया अर्थदंड

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वाराणसी / भदैनी मिरर: वाराणसी के अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर-6) आलोक कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के एक अत्यंत चर्चित और गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए मृतका के पति और सास को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 14-14 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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सजा पाने वालों में भेलूपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर बिंद बस्ती निवासी बाबूलाल बिंद (पति) और उसकी मां रानी देवी (सास) शामिल हैं।

8 साल तक चली कानूनी लड़ाई, 8 गवाहों ने दी गवाही

मामले की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अदालत में 8 गवाह पेश किए गए। अभियोजन के अनुसार, पूनम देवी की बेटी ज्योति का विवाह 16 अप्रैल 2017 को बाबूलाल बिंद के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग ₹1 लाख नकद और एक फ्रिज की मांग को लेकर ज्योति को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।

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मारपीट और भूख से तड़पाकर ली थी जान

7 मार्च 2018 को पीड़िता की मां पूनम देवी को फोन पर सूचना मिली कि उनकी बेटी को मारा-पीटा गया है और उसे खाना भी नहीं दिया जा रहा। शाम को जब वे बेटी की ससुराल पहुंचीं, तो ज्योति बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी मिली। परिजन उसे तुरंत BHU ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद 10 मार्च 2018 को भेलूपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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इन धाराओं में हुआ दोष सिद्ध

अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अनुशीलन करने के बाद पति बाबूलाल और सास रानी देवी को दहेज हत्या (304B IPC), दहेज प्रताड़ना (498A IPC) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियुक्तों पर लगाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।