Varanasi: आईजीआरएस पर लापरवाह अफसरों को डीएम सत्येंद्र कुमार की दो टूक- 'बिना शिकायतकर्ता से बात किए आख्या लगाई
कलेक्ट्रेट में आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल की समीक्षा बैठक; जिलाधिकारी ने कहा- 'पिछले 3 महीने के असंतोषजनक मामलों का स्थलीय निरीक्षण कर दोबारा करें निस्तारण।'
भदैनी मिरर: वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) और जनसुनवाई पोर्टल पर लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता और समय की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए हर शिकायत का निस्तारण पारदर्शी और प्रभावी ढंग से होना चाहिए।


बिना फीडबैक और संपर्क के आख्या अपलोड करने पर रुकेगी तरक्की
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बैठक में अधिकारीवार मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट (मंथली प्रोग्रेस रिपोर्ट) की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि कोई भी अधिकारी शिकायतकर्ता या आवेदक से बिना सीधे संपर्क किए अपनी मनमर्जी से नकारात्मक या असंतुष्ट फीडबैक वाली आख्या (रिपोर्ट) पोर्टल पर अपलोड नहीं करेगा।

डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा:
"यदि किसी अधिकारी ने बिना आवेदक से बात किए या मौका मुआयना किए फर्जी रिपोर्ट लगाई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही सक्षम प्राधिकारी को संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेज दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार वे खुद होंगे।"
3 महीने के पुराने 'असंतोषजनक' मामलों की होगी दोबारा री-चेकिंग
जनता की समस्याओं के वास्तविक समाधान पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पिछले तीन महीनों के भीतर जितने भी मामलों में शिकायतकर्ताओं ने 'असंतोषजनक' फीडबैक दिया है, उन फाइलों को दोबारा खोला जाए। अधिकारी खुद फोन से शिकायतकर्ता से दोबारा संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर स्थलीय निरीक्षण (मौके पर जाकर) कर जनसमस्या का नियमसम्मत व निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने एडीएम प्रशासन को निर्देश दिए कि लगातार असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त करने वाले लापरवाह अधिकारियों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करें।

संवेदनशील मामलों में तत्परता बरतने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण करना प्रत्येक शासकीय अधिकारी की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील और गंभीर प्रकृति के मामलों में अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ मौके पर प्रभावी कार्रवाई करने की बात कही। भविष्य में इस कार्य में मिलने वाली किसी भी ढिलाई को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद:
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (ADM) प्रशासन पंकज कुमार सहित जिला स्तर के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
