Varanasi Dirghayu Hospital News: वाराणसी के दीर्घायु अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा
आशापुर स्थित निजी अस्पताल में पथरी के इलाज के दौरान जौनपुर की युवती की मौत; ICU में शव छोड़कर फरार हुआ डॉक्टर, पुलिस जांच में जुटी
भदैनी मिरर (वाराणसी/क्राइम डेस्क): वाराणसी के आशापुर स्थित 'दीर्घायु अस्पताल' में इलाज के दौरान एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और विरोध-प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत दवा दिए जाने के कारण मरीज की जान गई है, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर अस्पताल के पिछले दरवाजे से फरार हो गया।

पथरी के इलाज के लिए भर्ती हुई थी युवती
जौनपुर जिले के शाहगंज निवासी अंशु सिंह को पथरी की समस्या के इलाज के लिए आशापुर के दीर्घायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर एस. के. जायसवाल ने इलाज के दौरान मरीज को कोई ऐसी गलत दवा या इंजेक्शन दे दिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पीछे के रास्ते से फरार हुआ डॉक्टर, मौत छुपाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, मरीज की मौत होते ही डॉक्टर एस. के. जायसवाल परिजनों को बिना कोई सूचना दिए अस्पताल के पिछले रास्ते से चुपचाप फरार हो गए।
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ICU में मृत पड़ी थी मरीज: घटना के बाद अस्पताल प्रशासन परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दे रहा था और मौत की बात दबाने की कोशिश कर रहा था।
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भाई ने जबरन देखा शव: जब मृतक के भाई सत्यम सिंह को संदेह हुआ, तो वे जबरन आईसीयू (ICU) के भीतर दाखिल हुए। वहां उनकी बहन मृत अवस्था में पड़ी हुई थी।
मौके पर पहुंची पुलिस, परिजनों का हंगामा जारी
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि फरार आरोपी डॉक्टर को तुरंत मौके पर बुलाया जाए और उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव को अस्पताल से नहीं उठाएंगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने के साथ मामले की विधिक जांच में जुट गया है।
