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वाराणसी विकास प्राधिकरण का महाभियान: सारनाथ और चौबेपुर में 73 बीघा अवैध प्लाटिंग जमींदोज

उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देश पर जोन-2 की टीम ने 17 स्थानों पर चलाया बुलडोजर; रिंकू प्रधान, मुन्ना सिंह समेत कई प्रॉपर्टी डीलरों पर एक्शन

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भदैनी मिरर, वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने शहर में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों और प्लाटिंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। वीडीए के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के सख्त निर्देशों के अनुपालन में सोमवार (29 जून 2026) को प्रवर्तन टीम ने जोन-2 में एक सघन अभियान चलाया। इस महाभियान के तहत सारनाथ और चौबेपुर क्षेत्र के 17 अलग-अलग ठिकानों पर बुलडोजर गरज उठा, जिसके बाद कुल 73 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

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उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-27 के तहत कार्रवाई

वीडीए के जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश और अवर अभियंता राजू कुमार के नेतृत्व में पहुंची प्रवर्तन टीम ने सभी 17 स्थलों पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-27 के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की विधिक कार्रवाई संपादित की।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का पूरा विवरण:

प्रधिकरण द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चिन्हित किए गए भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइज़रों के खिलाफ निम्नलिखित कार्रवाई की गई:

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  • रिंकू प्रधान: मौजा-जयरामपुर में 8 बीघा और मौजा-खरगीपुर में 4 बीघा (कुल 12 बीघा)।

  • राकेश मिश्रा व राजेश पटेल: मौजा-खरगीपुर जयरामपुर में क्रमशः 5 बीघा और 3 बीघा।

  • मुन्ना सिंह व बबलू यादव: मौजा-जयरामपुर में क्रमशः 4 बीघा और 4 बीघा।

  • विनोद कुमार व गुड्डू महाराज: मौजा-छांही सारनाथ में 3 बीघा और मौजा-जयरामपुर में 3 बीघा।

  • मौजा-चौबेपुर (अज्ञात): दो अलग-अलग ठिकानों पर 5 बीघा और 4 बीघा अवैध प्लाटिंग।

  • अन्य अज्ञात स्थल: मौजा-जयरामपुर, मौजा-खरगीपुर और मौजा-छांही में लगभग 32 बीघा से अधिक की अन्य अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त किया गया।

जमीन खरीदने से पहले वीडीए की ये 'गाइडलाइन' जरूर पढ़ें

इस बड़ी कार्रवाई के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण ने आम जनता को ठगी और नुकसान से बचाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण आवश्यक सूचना जारी की है:

  1. लैंडयूज की जांच: कोई भी भूमि या प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूखंड का लैंडयूज (Land Use) अवश्य जांच लें और यह सुनिश्चित करें कि वह आवासीय श्रेणी (Residential Category) में आता हो।

  2. रास्ते की चौड़ाई: प्लाटिंग के लिए नियमों के मुताबिक न्यूनतम 09 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग होना अनिवार्य है।

  3. स्वीकृत ले-आउट: किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या भूखंड की बिक्री केवल वीडीए से ले-आउट (Layout) स्वीकृत होने के बाद ही वैध मानी जाएगी।

  4. 7 दिनों में मंजूरी: प्राधिकरण में ले-आउट का आवेदन जमा होने के बाद नियमानुसार महज 07 दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान करने का प्रावधान है।

वीडीए ने साफ किया है कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, इसलिए जनता बिना जांच-पड़ताल के किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश न करे।

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