Varanasi: क्राइम ब्रांच करेगी CBI की तर्ज पर काम,नहीं बनेगा फाइलों का डंपिंग यार्ड
मोहित अग्रवाल बोले– गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना होगी प्राथमिकता
वाराणसी। काशी की क्राइम ब्रांच अब केवल पुराने मामलों की फाइलों का डंपिंग यार्ड नहीं रहेगी, बल्कि सीबीआई की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विवेचना का प्रमुख केंद्र बनेगी। यह बात पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बुधवार को कैंप कार्यालय में अपराध शाखा और एएचटी (Anti Human Trafficking) थाने के कार्यों की समीक्षा के दौरान कही।


पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विवेचना का दायित्व ऐसे अधिकारियों को सौंपा जाए, जिन्हें तकनीक और कानून की गहरी समझ हो, ताकि पीड़ित को न्याय की अनुभूति हो और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
तीन साल से लापता 6 बालिकाओं की बरामदगी पर टीम को सराहना

समीक्षा बैठक में थाना एएचटी द्वारा बीते तीन वर्षों से लापता छह बालिकाओं की सफल बरामदगी पर पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना की और इसे संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण बताया।
अपराध शाखा द्वारा वर्ष 2025 में कुल 49 मामलों और जनवरी 2026 में 6 विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया। पुलिस आयुक्त ने लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) को प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने साफ कहा कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी विवेचकों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने मानव तस्करी, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया। साथ ही डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि अब अपराध शाखा प्रोफेशनल तरीके से कार्य करेगी, जिससे आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हो सके।
