धनतेरस पर सड़कों पर उतरे वाराणसी सीपी मोहित अग्रवाल: मंडुवाडीह से रथयात्रा तक लिया सुरक्षा का जायजा
त्योहार पर भीड़ और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नर की बड़ी पहल; थानों की 80% पुलिस फोर्स सड़कों पर तैनात, मां अन्नपूर्णा मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की परख।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क, वाराणसी: धनतेरस के पावन अवसर पर काशी के बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं और शहरवासियों की भारी भीड़ के बीच वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त (CP) श्री मोहित अग्रवाल खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे। शहर में सुगम यातायात, बेहतर पार्किंग प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त ने मंडुवाडीह चौराहे से महमूरगंज, सिगरा होते हुए रथयात्रा तक व्यापक पैदल गश्त किया।


शोरूम मालिकों की तय हुई जिम्मेदारी, पार्किंग पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान बड़े शोरूम और मॉल के सामने अनियंत्रित रूप से खड़े वाहनों के कारण लग रहे जाम पर संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त ने प्रतिष्ठान स्वामियों की सीधी जवाबदेही तय की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि व्यापारिक प्रतिष्ठान अपने सामने यातायात सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करें। इसके साथ ही सड़क और फुटपाथ पर अनधिकृत पार्किंग या अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।

मां अन्नपूर्णा मंदिर में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
मां अन्नपूर्णा के 5 दिवसीय (06 से 10 नवंबर तक) स्वर्णमयी स्वरूप दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सीपी मोहित अग्रवाल ने मैदागिन से रामापुरा तक पैदल गश्त की। उन्होंने मंदिर परिसर के पास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज जी से व्यवस्थाओं पर चर्चा की। मंदिर परिसर की कंट्रोल रूम से सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
वाराणसी पुलिस आयुक्त के 10 बड़े और सख्त निर्देश:
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प्रतिष्ठान स्वामियों की जवाबदेही: बड़े शोरूम व मॉल मालिक अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात कर अपने प्रतिष्ठान के सामने पार्किंग और ट्रैफिक सुचारु रखेंगे।
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अतिक्रमण व पार्किंग नियंत्रण: फुटपाथ पर अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई होगी। पार्किंग फुल होने पर वाहनों को वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की ओर मोड़ा जाएगा।
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80% पुलिस बल सड़कों पर: प्रत्येक थाने की उपलब्ध पुलिस क्षमता का कम से कम 80 प्रतिशत बल चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहेगा।
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प्रभावी यातायात प्रबंधन: मंडुवाडीह, सिगरा, रथयात्रा सहित जाम संभावित चौराहों पर स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस समन्वय बनाकर डायवर्जन लागू करेगी।
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सुगम दर्शन व्यवस्था: मां अन्नपूर्णा मंदिर में कतारबद्ध एकल मार्ग व्यवस्था लागू रहेगी। बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों को प्राथमिकता और विशेष सहायता दी जाएगी।
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ड्रोन व सीसीटीवी से सर्विलांस: मंदिर क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। महिला सुरक्षा हेतु सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और महिला बल तैनात रहेगा।
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पुलिसकर्मियों का संवेदनशील व्यवहार: ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं से 'सर' और 'मैडम' कहकर सहयोगात्मक व्यवहार करेंगे। जेबकतरों पर पैनी नजर रहेगी।
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अधिकारियों की एक्टिव फील्ड ड्यूटी: सभी थाना प्रभारी और अधिकारी स्वयं क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे।
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आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता: नो-पार्किंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कार्रवाई होगी, जबकि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए मार्ग पूरी तरह बाधा मुक्त रखे जाएंगे।
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राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी: सभी राजपत्रित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त पर रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
