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वाराणसी: दुष्कर्म के फरार आरोपियों पर कोर्ट का सख्त एक्शन, संपत्ति होगी कुर्क

धारा 83 के तहत कुर्की का आदेश

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Varanasi Crime News: वाराणसी की एक अदालत ने दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो सगे भाइयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित न होने और उनके फरार रहने पर उनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिविजन) एफटीसी 14 तरुण कुमार सिंह की अदालत ने दिया है।

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धारा 83 के तहत कुर्की का आदेश

अदालत ने आरोपी निशांत सिंह और शीतांशु सिंह के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 83 के तहत कुर्की की कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस को दिया है। इससे पहले कोर्ट ने धारा 82 के तहत उद्घोषणा (भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया) जारी की थी, लेकिन आरोपी न तो हाजिर हुए और न ही पुलिस उन्हें पकड़ सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को मुकर्रर की गई है।

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क्या है पूरा मामला? (ब्लैकमेलिंग और शोषण की दास्तां)

अभियोजन पक्ष के अनुसार, चितईपुर क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता के साथ यह दरिंदगी कोरोना काल के दौरान शुरू हुई थी:

  • मदद के नाम पर धोखा: पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता संजय कुमार नामक व्यक्ति के परिवार के संपर्क में आई। संजय और उसकी पत्नी उसे अपने घर ले गए।

  • दुष्कर्म और धमकी: आरोप है कि 27 मई 2021 को संजय के बेटे निशांत सिंह ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा।

  • भाई ने भी किया प्रयास: पीड़िता का आरोप है कि निशांत के छोटे भाई शीतांशु ने भी उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की और डराया-धमकाया।

पुलिस की 'क्लीन चिट' और पीड़िता का संघर्ष

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट (Final Report) लगा दी थी।

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  1. प्रोटेस्ट याचिका: पीड़िता ने हार नहीं मानी और अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में 'प्रोटेस्ट याचिका' दाखिल की।

  2. कोर्ट का संज्ञान: अदालत ने साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया आरोपों को सही माना और पुलिस की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए दोनों आरोपियों को तलब किया।

  3. जमानत खारिज: आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका भी पहले ही खारिज हो चुकी है, जिसके बाद से वे लगातार फरार चल रहे हैं।

कानून का शिकंजा

वाराणसी कोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस को आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर कुर्की की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो गंभीर अपराध करने के बाद कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए छिपते फिरते हैं।