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वाराणसी: किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया 62 हजार का जुर्माना

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने 3  साल बाद सुनाया बड़ा फैसला

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी वाराणसी की एक अदालत ने मासूम के साथ दरिंदगी और उसकी हत्या के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पाण्डेय की अदालत ने फुलवरिया (कैंट) निवासी अभियुक्त सनोज उर्फ राहुल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी पर 62 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

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क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 1 मार्च 2023 की है। कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली एक 11 वर्षीय किशोरी सुबह करीब 10 बजे अपने घर के बाहर खेलने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पीड़ित पिता ने कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई।

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पुलिस जांच और गिरफ्तारी

विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर सनोज उर्फ राहुल को संदिग्ध माना। जब कड़ाई से पूछताछ हुई और सबूत जुटाए गए, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अभियुक्त ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था और अपनी पहचान छिपाने के लिए गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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अदालत में 11 गवाहों ने दी गवाही

अदालत में विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा। इस केस को साबित करने के लिए अदालत में कुल 11 गवाहों को परीक्षित कराया गया। वैज्ञानिक साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए अदालत ने सनोज को जघन्य अपराध का दोषी पाया।

अदालत का फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने माना कि यह अपराध समाज के लिए एक कलंक है। दोषी सनोज को भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।