वाराणसी: भारी बारिश में गिरा कच्चा मकान, दंपती घायल; सीर गोवर्धनपुर के 100 परिवारों पर मंडराया खतरा
मलबे में दबकर बकरी समेत कुत्तों की मौत, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की सर्वे की मांग
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करती एक दर्दनाक घटना सामने आई है। लंका थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीर गोवर्धनपुर (वार्ड नंबर 23) स्थित हरिजन बस्ती में सोमवार तड़के भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक जमींदोज हो गया। इस हादसे में मकान मालिक और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।



अलसुबह हुआ हादसा, मलबे में दबा परिवार
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 5 बजे राम जी का कच्चा मकान बारिश की वजह से अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस वक्त राम जी अपनी पत्नी के साथ अंदर सो रहे थे। तेज आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दंपती को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। हादसे में उनके बेटा-बेटी को भी हल्की चोटें आई हैं। वहीं, मलबे में दबने से परिवार की एक पालतू बकरी और दो आवारा कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई।


100 कच्चे मकानों पर मंडरा रहा हादसों का साया
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर गोवर्धनपुर में आज भी करीब 100 से अधिक परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रही बारिश से इन मकानों के ढहने की आशंका बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए और कोई बड़ी जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?



प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ा आक्रोश, सभासद ने दिया आश्वासन
घटना के बाद मौके पर तुरंत प्रशासनिक मदद न पहुंचने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। मौके पर पहुंचे वार्ड नंबर 23 के सभासद राम सिंह यादव उर्फ 'कल्लू' ने प्रभावित परिवार से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि वह संबंधित लेखपाल से बात कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करवाएंगे, ताकि जिन जरूरतमंदों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें जल्द से जल्द पक्का मकान स्वीकृत कराया जा सके।
क्षेत्र के निवासियों ने वाराणसी प्रशासन से मांग की है कि पूरी बस्ती का तुरंत सर्वे कराकर जर्जर और कच्चे मकानों को चिन्हित किया जाए और पात्र गरीबों को तत्काल आवास योजना के तहत राहत प्रदान की जाए।
