Varanasi: 'उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका, पापा माफ करना'- BHU के जूनियर डॉक्टर ने ड्रग ओवरडोज लेकर की खुदकुशी
"गर्लफ्रेंड बहुत अच्छी है, उसे दोष न दें"— सुसाइड नोट में परिवार, प्रेमिका और दोस्तों के लिए लिखा बेहद भावुक संदेश
पश्चिम बंगाल के जूनियर रेजिडेंट ऋतविक कुंडू ने एनेस्थीसिया की ड्रिप लगाकर दी जान, हॉस्टल में मचा हड़कंप
लंका थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में लिया शव, हैंडराइटिंग और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित सुश्रुत छात्रावास से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर ड्रग का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और डॉक्टरों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची लंका थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक ने अपने जीवन के कड़े संघर्ष और मानसिक तनाव का जिक्र किया है।


कॉल न उठाने पर खुला दरवाजा, तो बिस्तर पर पड़ी थी लाश
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जनपद के रहने वाले 27 वर्षीय डॉ. ऋतविक कुंडू बीएचयू में जूनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे और सुश्रुत हॉस्टल के कमरा नंबर-33 में रहते थे। देर रात जब साथी डॉक्टरों ने उन्हें किसी काम से बार-बार कॉल किया और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें चिंता हुई। साथियों ने जब उनके कमरे पर जाकर दरवाजा खोलकर देखा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ऋतविक बिस्तर पर बेसुध पड़े थे और उनकी नसों में एनेस्थीसिया की ड्रिप लगी हुई थी। तत्काल इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर और स्थानीय पुलिस को दी गई।

सुसाइड नोट में लिखा: "मेरी मौत के लिए गर्लफ्रेंड को दोषी न ठहराएं"
पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से डॉ. ऋतविक के हाथ से लिखा हुआ एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो बेहद भावुक कर देने वाला है। नोट में उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि उनकी मौत के लिए किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। अपनी प्रेमिका का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, "वह बहुत अच्छी लड़की है और मुझसे बहुत प्यार करती है। उसने मेरे लिए बहुत कुछ किया, लेकिन मैं उसके लिए कुछ नहीं कर सका। इस कदम के लिए उसे बिल्कुल भी दोषी न ठहराया जाए, बल्कि उसका ख्याल रखा जाए।"

माता-पिता से मांगी माफी, बोले— "मेरा जीवन सरल नहीं था"
ऋतविक ने अपने परिवार के लिए लिखा कि वह अपने माता-पिता के अंतिम सहारा थे, लेकिन वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके, जिसके लिए वह दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने अपने दर्द को बयां करते हुए लिखा, "मेरा जीवन इतना सरल नहीं था, मैं पिछले काफी समय से बहुत ज्यादा संघर्ष कर रहा था।" उन्होंने अपने भाई-बहनों और दोस्तों से भी माफी मांगते हुए अलविदा दुनिया लिखा और अंत में माता-पिता का ध्यान रखने की अपील की है।
क्या कहती है लंका पुलिस?
मामले की जानकारी देते हुए लंका थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला एनेस्थीसिया की दवा का ओवरडोज लेने के कारण आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। पुलिस विभाग इस दुखद घटना की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश कर रहा है।

