वाराणसी: आल्हा-काल्हा पोखरे पर फिर गरमाया विवाद, मूर्ति विसर्जन के दौरान मंदिर के पुजारी के साथ अभद्रता का आरोप
शिवपुर थाना क्षेत्र स्थित आल्हा-काल्हा पोखरे का मामला, महंत शशिकांतानंद गिरी ने लगाया भीड़ द्वारा अभद्र भाषा के प्रयोग और दुर्व्यवहार का आरोप
वाराणसी। वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक आल्हा-काल्हा पोखरे पर एक बार फिर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहाँ मूर्ति विसर्जन के दौरान मंदिर के पुजारी के साथ कुछ लोगों द्वारा अभद्रता और दुर्व्यवहार किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल है, और पुलिस प्रशासन मामले की छानबीन कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आल्हा-काल्हा पोखरे के पास स्थित मंदिर पर यह पूरी घटना घटी। घटना के संबंध में जूना अखाड़ा से जुड़े और मंदिर के पुजारी श्री शशिकांतानंद गिरी ने विस्तार से जानकारी दी।
महंत शशिकांतानंद गिरी ने बताया कि विनय पटेल नामक व्यक्ति कुछ लोगों के साथ मूर्ति विसर्जन करने आए थे। विसर्जन के पश्चात जब वे मंदिर परिसर में बैठे हुए थे, तभी वहाँ आए कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। पुजारी का आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने उनके प्रति अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
40 से 50 की संख्या में थे लोग
पुजारी ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिए पहुँचे लोगों की संख्या लगभग 40 से 50 से अधिक थी। इस दौरान वहाँ कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं। विरोध करने पर उपद्रवी किस्म के लोग और अधिक आक्रामक हो गए और उन्होंने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे सार्वजनिक रूप से दोहराया नहीं जा सकता।
पहले भी हो चुका है विवाद
स्थानीय लोगों और पुजारी के अनुसार, आल्हा-काल्हा पोखरे और यहाँ स्थित मंदिर परिसर में कुछ दिन पूर्व भी इसी तरह का विवाद सामने आया था। बार-बार इस तरह की घटनाओं के सामने आने से क्षेत्र की शांति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही महंत ने तुरंत आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल कर पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुजारी का दावा है कि इस पूरी घटना के पुख्ता साक्ष्य और वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है, जिसे पुलिस को सौंपा जा सकता है।
पीड़ित पुजारी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए ऐसे उपद्रवी तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियो फुटेज की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।
