वाराणसी: एलटी लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत, बिजली विभाग की सुरक्षा पर उठे सवाल
भदैनी पावर हाउस में तैनात थे हरपुर निवासी भारत कुमार; तड़के काम के दौरान आए करंट की चपेट में, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
भदैनी मिरर, वाराणसी: धर्मनगरी काशी के पांडेघाट क्षेत्र में शनिवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। बिजली विभाग में कार्यरत एक संविदा लाइनमैन की एलटी (लो टेंशन) लाइन पर मरम्मत कार्य करने के दौरान करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद जहां विभागीय संविदा कर्मचारियों में आक्रोश और शोक की लहर है, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने विभाग की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


तड़के मरम्मत के दौरान हुआ हादसा, अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से हरपुर (भैरवनाथ) गांव के रहने वाले भारत कुमार (उर्फ भारत लाल, पुत्र कल्लू प्रसाद) बिजली विभाग के भदैनी पावर हाउस में संविदा लाइनमैन के पद पर तैनात थे। शनिवार तड़के वह पांडेघाट गली स्थित मकान संख्या D-23/1 के पास अचानक आई किसी तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए एलटी लाइन पर काम कर रहे थे।

इसी दौरान वह अचानक दौड़ रहे तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। साथ में काम कर रहे अन्य विभागीय कर्मचारियों ने आनन-फानन में उन्हें बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।

इकलौते कमाने वाले थे भारत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक लाइनमैन की बहन संगीता ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे के आसपास विभाग की ओर से फोन पर सूचना मिली कि भारत को करंट लगा है और उन्हें तुरंत ट्रॉमा सेंटर बुलाया गया। लेकिन जब तक बदहवास परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक भारत की सांसें थम चुकी थीं। संगीता ने रोते हुए बताया कि भारत ही पूरे परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी आय से घर का भरण-पोषण होता था। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
शटडाउन और सुरक्षा उपकरणों को लेकर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और साथी कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर तीखी चर्चा है कि जब तड़के लाइन पर मरम्मत का काम चल रहा था, तो क्या संबंधित फीडर से शटडाउन (बिजली आपूर्ति बंद करना) लिया गया था या नहीं? यदि शटडाउन लिया गया था, तो लाइन में करंट कहाँ से आया? इसके अलावा, क्या मौके पर काम कर रहे संविदा कर्मचारी को ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए गए थे?
इन तमाम गंभीर सवालों पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
