वाराणसी : कांग्रेस के ‘पीएम केम्प्रोमाइज‘ मार्च को फोर्स ने रोका, नही जाने दिया गया PM के संसदीय कार्यालय
अमेरिका के आगे बार-बार घुटने टेकने वाले पीएम नरेंद्र मोदी और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ निकाला गया था मार्च
फोर्स ने मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय से आगे नही जाने दिया, कार्यकर्ताओ की नारेबाजी, सौंपा ज्ञापन
वाराणसी, भदैनी मिरर। महानगर युवा कांग्रेस की ओर से शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के आगे बार-बार झुकनेवाले पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस जनों ने ‘पीएम केम्प्रोमाइज‘ कार्यक्रम के तहत विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जुलूस के साथ प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय जा रहे थे लेकिन उन्हें फोर्स ने रोक लिया। इसके बाद वही हंगामा हुआ और बाद में पुलिस अधिकारी को अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपा गया।



“पीएम कम्प्रोमाइज” कार्यक्रम के तहत भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय के घेराव करने के लिए कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इसे पुलिस ने बलपूर्वक रोका तो हंगामा हो गया। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा के नेतृत्व में मार्च निकाला गया था। युवा कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए हाथों में तख्तियां और संविधान की प्रस्तावना लेकर मार्च में शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना पर मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय के नीचे भारी पुलिस बल पहले से तैनात कर दी गई थी। इसलिए प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से बलपूर्वक रोक दिया गया। प्रशासन ने बढ़ने की अनुमति नही दी तो कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन वहीं पर अधिकृत अधिकारी को सौंपा दिया।

महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकाले जा रहे मार्च को रोकना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। यह कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास देश के युवाओं को स्वीकार नहीं है। कांग्रेस पार्टी सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर रही है। जब भी सरकार ने अन्यायपूर्ण कदम उठाए हैं, कांग्रेस ने जनता की आवाज बनकर संघर्ष किया है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब को जेल भेजना लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है। चंचल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना युवाओं का मौलिक अधिकार है। एआई समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी शालीनता और लोकतांत्रिक दायरे में रहते हुए अपनी मांगों और चिंताओं को रखा था। इसके बावजूद सरकार द्वारा द्वेषपूर्ण कार्रवाई करते हुए अनेक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब की गिरफ्तारी तो और भी अधिक चिंताजनक है। आज का मार्च युवाओं की आवाज को दबाने के विरुद्ध था।


सरकार यह समझ ले कि पुलिसिया शक्ति के दम पर विचारों को कैद नहीं किया जा सकता। जब हमें प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय तक जाने से रोका गया, तब हमने लोकतांत्रिक परंपरा निभाते हुए राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सौंपा और संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की। युवा कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि दमनात्मक रवैया बंद नहीं हुआ और गिरफ्तार साथियों को अविलंब रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में मयंक चौबे, ओम शुक्ला, अनुपम राय, धीरज सोनकर, मो. जिशान, विनीत चौबे, महेश चौबे, अरुणेश सिंह, अनिल चौधरी, किशन यादव, ऋषभ दुबे, मुरारी पांडेय, अनिल पटेल, प्रमोद यादव, अभिषेक पटेल आदि रहे ।
