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Varanasi: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस का हल्लाबोल, निकाली 'सद्बुद्धि पदयात्रा

तुलसी मानस मंदिर से बनकटी हनुमान मंदिर तक गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता; जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे बोले- "चढ़ावा चोरी से करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत, सरकार बड़े दोषियों को बचाना बंद करे।"

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वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण को लेकर वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस गंभीर मुद्दे पर मंगलवार (7 जुलाई 2026) को जिला कांग्रेस कमेटी एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल “सद्बुद्धि पदयात्रा” का आयोजन किया गया। तुलसी मानस मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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तुलसी मानस मंदिर से बनकटी हनुमान मंदिर तक पदयात्रा, हुआ सामूहिक पाठ

यह पदयात्रा तुलसी मानस मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर पहुंची। यहाँ सभी कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से बैठकर श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रभु श्रीहनुमान और प्रभु श्रीराम का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर देश व प्रदेश में सत्य, न्याय और सुशासन की कामना की। साथ ही सत्ता में बैठे लोगों को सद्बुद्धि प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। इस कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने की।

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"चंदा-चढ़ावा हजम कर रही है भाजपा, पीएम और सीएम की चुप्पी पर सवाल"

पदयात्रा के दौरान जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त बयान जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा:

"अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी ने करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। भाजपा वर्षों से भगवान श्रीराम और सनातन संस्कृति के नाम पर केवल राजनीति करती आई है और अब चंदा-चढ़ावा हजम किया जा रहा है। ऐसे मामलों में सरकार की जवाबदेही सबसे ज्यादा बनती है।"

कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं को सनातन संस्कृति का संरक्षक बताते हैं, लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर उनकी रहस्यमयी चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले के तथ्यों को जनता के सामने रखना चाहिए।

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आरएसएस, विहिप और भाजपा से जुड़े हैं तार, बड़े चेहरों को बचाने का आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण के तार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि सरकार केवल छोटे मोहरों पर बात कर रही है और बड़े दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि:

  • पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।

  • जांच रिपोर्ट को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

  • भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाए।

मंदिर किसी दल की बपौती नहीं, समाज की साझा आस्था का केंद्र

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मंदिर किसी विशेष राजनीतिक दल या सरकार की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि यह पूरे समाज की साझा आस्था के केंद्र हैं। इसलिए चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार पारदर्शिता नहीं दिखाएगी, तो जनता का विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद: इस "सद्बुद्धि पदयात्रा" में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, संजीव सिंह, फ़साहत हुसैन बाबू, राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अरुण सोनी, गिरीश पाण्डेय, अशोक सिंह, सुनील श्रीवास्तव, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, विनोद सिंह, चंचल शर्मा, धीरज सोनकर, सुनील राय, अफसर खां, संतोष मौर्य, रोहित दुबे, घनश्याम सिंह, अजय सिंह, ओम शुक्ला, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र गुप्ता, प्रमोद वर्मा, वंदना जायसवाल, अनिल केशरी, किशन यादव, आकाश त्रिपाठी, रामजी गुप्ता, दीप विश्वकर्मा और गोपाल चौबे सहित भारी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित रहे।