वाराणसी: कमिश्नरेट में 1 साल से पहले नहीं हटाएं जायेंगे चौकी प्रभारी, नई स्थानांतरण नीति लागू
चौकी प्रभारियों को नियुक्ति से पहले हटाने और गंभीर मामलों के उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी न बनाने का स्पष्ट प्रावधान
वाराणसी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में चौकी प्रभारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने रविवार को चौकी प्रभारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण संबंधी नई नीति जारी की। इस नीति का उद्देश्य चौकी प्रभारियों के स्थायित्व को सुनिश्चित करना और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना है।



नई नीति के तहत स्थायित्व सुनिश्चित करना, चौकी प्रभारियों को उनकी नियुक्ति तिथि से 01 वर्ष तक यथासंभव हटाया न जाए। पूर्व अनुमोदन प्रक्रिया यदि किसी चौकी प्रभारी को नियुक्ति तिथि से 06 माह से 01 वर्ष के बीच हटाना आवश्यक हो, तो संबंधित पुलिस उपायुक्त को विवरण अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) को भेजकर अनुमोदन प्राप्त करना होगा।
प्रारूप में चौकी प्रभारी का नाम और पीएनओ, चौकी और थाना, नियुक्ति तिथि, स्थानांतरण का कारण अन्य प्रासंगिक विवरण दीजिये। यदि किसी चौकी प्रभारी को नियुक्ति के 06 माह से पहले हटाना जरूरी हो, तो पुलिस आयुक्त द्वारा हस्ताक्षरित अनुमोदन आवश्यक होगा। इतना ही नहीं कमिश्नरेट के तीनों जोन के पुलिस उपायुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि हटाए गए उपनिरीक्षकों को अगले 06 माह तक चौकी प्रभारी न बनाया जाए। विशेष परिस्थितियों में अपर पुलिस आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। गंभीर मामलों में दंडित उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी कदापि नियुक्त नहीं किया जाएगा।

